गंदगी फैलाने वाले और खुले में शौच करने वाले जरा सावधान हो जाएं। ऐसा करने पर न केवल उन्हें जुर्माना भुगतना पड़ेगा बल्कि छह महीने तक की कैद की सजा भी हो सकती है।
खास यह है कि इस संदर्भ में चालान काटने की शक्तियां पंचायत प्रधानों को भी मिल गई हैं। अधिकारियों के अनुसार खुले में शौच करने वाले को एक हजार जुर्माना भी देना पड़ेगा। साथ ही छह माह की कैद भी भुगतनी पड़ेगी।
विकास खंड श्री नयना देवी जी (स्वारघाट) के नए विकास खंड अधिकारी शशि पटियाल ने विकास खंड कार्यालय स्वारघाट में अपना कार्यभार संभालते ही इस बारे में जानकारी दी।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पंचायतों के प्रधानों को शक्तियां प्रदान की हैं। अगर कोई भी शख्स खुले में शौच करते पकड़ा जाता है, तो उसे एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।
साथ ही गंदगी फैलाने के जुर्म में उसे 6 माह की कैद भी हो सकती है। इसलिए सभी पंचायतों के निर्देश दिए जाएंगे कि स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाएं।
बीडीओ स्वारघाट शशि पटियाल ने बताया कि स्थानीय ब्लॉक में लंबित पड़े सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समयावधि में पूरा किया जायगा।
उन्होंने कहा कि इस विकास खंड की सभी 24 पंचायतों के सभी वार्डों के वार्ड सदस्यों को हर वार्ड में मनरेगा के तहत तीन-तीन कार्य शुरू करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
ताकि गांव के हर वार्ड में मनरेगा योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल सके। इसलिए विकास खंड कार्यालय स्वारघाट में इसी माह की 26 तारीख को नयनादेवी विकास खंड के तहत पड़ने वाली सभी पंचायतों के प्रधानों की बैठक रखी गई है।
इसमें सभी प्रधानों से मनरेगा योजना के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। मनरेगा योजना को अमलीजामा पहनाने में जिस पंचायत का रिपोर्ट कार्ड सही नहीं पाया जाएगा तो उस प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
ऐसे प्रधान से जवाब तलब किया जाएगा। बीडीओ स्वारघाट शशि पटियाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह विकास खंड कार्यालय स्वारघाट में एक बैठक होगी जिसमें नयना देवी की सभी 24 पंचायतों के पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक भाग लेंगे। इस बैठक में विभिन्न विकास कार्यों पर विशेष तौर पर चर्चा की जाएगी।