कीरतपुर से नेरचौक तक निर्माणाधीन फोरलेन सड़क के लिए अधिगृहीत किए मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। प्रशासन ने शनिवार पनोह गांव में जाकर छह मकानों तोड़ा।
हालांकि, विस्थापितों ने सामान निकालने के लिए वक्त मांगा। प्रशासन ने भी उन्हें वक्त दिया और सामान निकालने के बाद मकानों पर बुलडोजर चलाया गया।
किरतपुर से नेरचौक तक बन रहे फोरलेन सड़क के लिए कई भवन और ढांचे अधिगृहीत हुए हैं। ऐसे भवनों और ढांचागत निर्माण स्वामियों को भू अर्जन अधिकारी से मुआवजा भी दिया जा चुका है।
लेकिन, वह अपनेे भवन खाली नहीं कर रहे थे। प्रशासन ने ऐसे छह मकानों को चिन्हित करते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 ई0 (2) के अनुसार इन भवनों और ढांचागत निर्माण का कब्जा भू अर्जन अधिकारी, विशेष भू अधिग्रहण ईकाई राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन बिलासपुर को देने के लिए छह तारीख तक की हिदायत दी गई थी।
इस बारे में उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने अधिसूचना जारी की थी। एसडीएम घुमारवीं आदित्य नेगी ने बताया कि पनोह में छह मकानों को तोड़ा गया है। उन्हें पहले ही नोटिस दिए गए थे।
लेकिन, वह नहीं मान रहे थे। लिहाजा, प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। उधर, विस्थापितों ने प्रशासन पर जबरन कब्जे हटाने का विरोध किया है। विस्थापित समिति के मदन लाल का कहना है कि विस्थापितों की सुनवाई नहीं हो रही है।