स्टॉफ न होने से बच्चों का विशेष एसएनसीयू वार्ड हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में , 26 स्टॉफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के करीब 48 रिक्त पद रिक्त पड़े है। इसके चलते तैनात स्टॉफ पर अतिरिक्त भार तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। शिशू रोग विशेषज्ञ के पदोन्नत होने व स्टॉफ नर्सों के रिक्त पदों के चलते एसएनसीयू वार्ड बंद हो चुका है। बाल रोग भर्ती वार्ड स्वास्थ्य सेवाएं भी काफी प्रभावित हो रही हैं। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान चार वर्ष पहले पांवटा सिविल अस्पताल को डेढ़ सौ बिस्तर वाला अस्पताल कर दिया गया। उसी दौरान अधिसूचना जारी कर 73 नए पद स्वीकृत कर दिए गए। सिविल अस्पताल में इस समय एक डॉक्टर पद, स्वास्थ्य सेवाओं में सबसे अहम पदों में शामिल 26 स्टाफ नर्सों के पद व चतुर्थ श्रेणी के 31 पद में से 21 पद रिक्त पड़े हैं। कुल 48 पद रिक्त होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग से कई बार रिक्त पद भरे जाने की मांग उठाई है।
नाहन मेडिकल कॉलेज के बाद जनपद में सबसे ज्यादा 800 से 1000 तक ओपीडी वाला अस्पताल पांवटा साहिब है। स्थानीय अस्पताल में मेडिकल वार्ड में स्त्री व पुरुष वार्ड, हड्डी रोग वार्ड, सर्जरी वार्ड, बाल रोग, विशेष कर नवजात शिशु (एनएससीयू) वार्ड व इमरजेंसी वार्ड हैं। सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ पद रिक्त है। स्टॉफ नर्सों के 26 पद रिक्त पड़े हैं। कुछ माह पहले शिशू रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जैन पदोन्नत होकर नाहन मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित हो गए। इनके बाद से विशेष नवजात वार्ड की सेवाएं बंद पड़ी है। बाल रोग वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हुई है। अब इसके चलते अधिकतर गंभीर बच्चे नाहन रैफर किए जाते है।
कोट
स्टाफ नर्सों व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के कुल 48 रिक्त पदों के चलते कई बार काफी दिक्कतें आती रहीं हैं। इस बारे में सीएमओ सिरमौर के माध्यम से प्रदेश सरकार व शिमला स्वास्थ्य विभाग उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
-डॉ. सुधी गुप्ता, सिविल अस्पताल प्रभारी, पांवटा साहिब