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Bilaspur News: गोबिंद सागर झील और सीर खड्ड से निकाली जाएगी गाद

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गोबिंद सागर झील। संवाद
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दोनों से 50-50 एमसीएम गाद निकालने का लक्ष्य
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रेवेन्यू मॉडल पर होंगे टेंडर, 2 और 7 अप्रैल को खुलेंगे
हर साल 30 एमसीएम गाद जमा, जलधारण क्षमता पर असर
गाद हटाने से बढ़ेगी झील की क्षमता और आयु
भविष्य में सड़क निर्माण जैसे कार्यों में उपयोग की संभावना

अनिल ठाकुर
बिलासपुर। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने गोबिंद सागर झील के साथ सीर खड्ड में गाद हटाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत लुहणू मैदान और सीर खड्ड से लगभग 50-50 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) गाद हटाने का लक्ष्य रखा है। लुहणू मैदान का टेंडर 2 अप्रैल को और सीर खड्ड का टेंडर 7 अप्रैल को खोला जाएगा। दोनों परियोजनाएं पायलट आधार पर लागू की जा रही हैं, ताकि भविष्य में बड़े स्तर पर योजना तैयार की जा सके।
परियोजना रेवेन्यू मॉडल पर आधारित होगी। इसके तहत गाद निकालने वाले ठेकेदार इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए कहीं भी ले जा सकेंगे। गाद की वास्तविक कीमत और राजस्व टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। प्रारंभिक तौर पर सीर खड्ड के लिए 20 रुपये प्रति टन की दर तय की गई है, जबकि अंतिम चयन हाईएस्ट बिडर के आधार पर होगा।
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हर साल जमा हो रही भारी गाद
झील में हर वर्ष करीब 30 एमसीएम गाद जमा हो रही है, जो सतलुज नदी और आसपास की खड्डों से आ रही है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत सालाना 4-5 एमसीएम गाद हटाने का लक्ष्य है। लुहणू मैदान की गाद सॉफ्ट और क्लेययुक्त है, जबकि सीर खड्ड की गाद अपेक्षाकृत अधिक मोटी और व्यावसायिक रूप से उपयोगी मानी जा रही है।
जलधारण क्षमता बढ़ाने पर फोकस
गाद हटाने का काम जलाशय के 1680 फीट लेवल से नीचे किया जाएगा। इससे झील की गहराई बढ़ेगी, जलधारण क्षमता में सुधार होगा और जलाशय की उपयोगी आयु में वृद्धि होगी। बीबीएमबी के अनुसार जहां-जहां मशीनरी पहुंच सकती है, वहीं से गाद हटाने का कार्य किया जाएगा। भविष्य में इस परियोजना के परिणामों के आधार पर व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
व्यावसायिक उपयोग की संभावना
बीबीएमबी ने बताया कि झील से निकाली जाने वाली गाद का उपयोग भविष्य में सड़क निर्माण जैसी परियोजनाओं में किया जा सकता है। फिलहाल इस पर कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
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यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसके तहत 50-50 एमसीएम गाद हटाने का लक्ष्य है। यह पूरी तरह रेवेन्यू मॉडल पर आधारित है। टेंडर प्रक्रिया के बाद ही वास्तविक राजस्व का आकलन हो सकेगा।
-सीपी सिंह, चीफ इंजीनियर, बीबीएमबी
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