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पालकी पर मतदान करने पहुंचे मरीज

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नघ्यार में बीमार महिला को पालकी में उठाकर वोट डालने ले जाते ग्रामीण। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। जिले में पंचायती राज चुनाव के अंतिम चरण में जिले की कई पंचायतों में बुजुर्गों में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखा। नघ्यार, कोसरियां सनीहरा, डूडियां और दसलेहड़ा जैसी पंचायतों में दिव्यांगों को पीठ पर उठाकर करीब 1-1 किलोमीटर तक मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया। वहीं 90, 95 और 100 वर्ष के बुजुर्गों का मतदान केंद्र पर पहुंचना एक-एक वोट की अहमियत को दर्शा रहा था।
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वीरवार को जिले की 55 पंचायतों में मतदान हुआ। इसमें युवाओं, नवविवाहितों, बुजुर्गों और पहली बार मतदान करने वालों में उत्साह दिखा। नघ्यार पंचायत के प्रेम चंद दोनों आंखों से दृष्टिबाधित होने के बाद भी मतदान करने पहुंचे। वहीं दोनों टांगों से दिव्यांग जीवन लता ने भी मतदान किया। इसके अलावा 100 वर्षीय दुर्गा देवी ने अपने कैंसर से पीड़ित बेटे के साथ मतदान किया। 95 वर्षीय बुजुर्ग जय चंद को पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया। 80 वर्षीय मथुरा दास, 85 वर्षीय संतराम लाठी के सहारे वोट देने पहुंचे। 99 वर्षीय गीता देवी को उनके बेटे ने पीठ पर उठाकर मतदान केंद्र तक लाए।
नघ्यार पंचायत में एक बीमार महिला जो चलने-फिरने में असमर्थ थी, उसे भी लोगों ने पालकी में उठाकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाया। कुलज्यार पंचायत की 80 वर्षीय प्रकाशो देवी, कोसरियां पंचायत में दिव्यांग नीलू को उसके भाई ने पीठ पर उठाकर पोलिंग बूथ तक पहुंचाया। सीजेएम मंडी राजिंद्र धीमान ने भी नघ्यार में वोट डाला। इसके अलावा 1962 और 1972 की लड़ाई लड़ चुके भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 90 वर्षीय बृद्धि सिंह ने जमथल में वोट डाला।
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जमथल में ही 92 वर्षीय रभल राम ने भी मतदान किया। पटेर पंचायत की 100 वर्षीय कांता देवी ने मतदान किया। इसके अलावा नवविवाहितों और पहली बार वोट करने वाले मतदाताओं में भी मतदान को लेकर खासा जोश दिखा।
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