बिजली-पानी की व्यवस्था ने नहीं आने दी परेशानी, रोजाना 25 लाख लीटर पानी की हुई आपूर्ति
मेले में नहीं हुई कोई अप्रिय घटना, सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में शनिवार को श्रावण अष्टमी मेला पूर्णाहुति के साथ सुख-शांति और श्रद्धा पूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान मेले के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरे मेले के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मेले के दौरान पेयजल और विद्युत व्यवस्था ने लोगों को राहत दी। विद्युत आपूर्ति पूरे मेले में लगभग निर्बाध रही। वहीं जल शक्ति विभाग ने भी पूरे मेला क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखी। विभाग की ओर से प्रतिदिन करीब 25 लाख लीटर पानी लिफ्ट किया गया। इससे कोला वाला टोबा से लेकर श्री नयना देवी तक विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगाए गए करीब 80 भंडारों के साथ स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भी पानी की कमी नहीं हुई। जल शक्ति विभाग की ओर से प्रतिदिन सुबह और शाम पानी का आवंटन किया गया। सहायक अभियंता कृष्ण कुमार गुलेरिया के दिशा-निर्देश में कनिष्ठ अभियंता राजेश ठाकुर समेत विभागीय कर्मचारी दिन-रात व्यवस्थाओं में जुटे रहे। राजेश ठाकुर ने बताया कि मेले के दौरान कुल 28 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहे, जिनमें 18 कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर रखा गया था। फिटर संदीप चौधरी का योगदान भी सराहनीय रहा।
मेले में सफाई व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बनी रही। इसका प्रमुख कारण मंदिर न्यास और नगर परिषद के बीच सफाई व्यवस्था का बंटवारा बताया जा रहा है। मुख्य रास्तों पर मंदिर न्यास की ओर से सफाई करवाई गई, जबकि अन्य क्षेत्रों की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास रही। कई स्थानों पर गंदगी होने के बाद दोनों संस्थाओं के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सफाई करवाने में दिक्कतें पेश आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि मंदिर क्षेत्र में सफाई संबंधी शिकायत होने पर किस संस्था से संपर्क किया जाए। पहले सफाई व्यवस्था का पूरा जिम्मा नगर परिषद के पास था, लेकिन अब मंदिर न्यास की ओर से भी अलग से सफाई करवाई जा रही है। ऐसे में दो संस्थाओं के बीच जिम्मेदारी बांटने से व्यवस्था और अधिक जटिल हो गई है।