500 रुपये के नकली नोटों ने दुकानदारों को लगाई चपत
ठगी होने के बाद दुकानदारों को नोट नकली होने का चला पता
नीरज महाजन
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के भराड़ी क्षेत्र में नकली नोटों के पहुंचने का मामला सामने आया है। स्थानीय बाजारों में हाल के दिनों में 500 रुपये के नकली नोट पैठ बना चुके हैं। कुछ दुकानदारों के पास नकली नोट पहुंचे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक इसकी शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अज्ञात लोग सामान खरीदने के बहाने नकली नोट थमा कर चले जाते हैं। दिन के अंत में हिसाब-किताब करने पर नोटों की जांच करने पर ही असली और नकली नोट का पता चलता है। नाम न छापने की शर्त पर एक दुकानदार ने बताया कि एक ग्राहक ने छोटे-मोटे सामान के बदले 500 रुपये का नोट दिया। उस समय भीड़ अधिक थी, इसलिए मैंने नोट जांचे बिना स्वीकार कर लिया। बाद में गिनती में पता चला कि वह नकली था। यही हाल अन्य दुकानदारों का भी हुआ।
नकली नोटों के लगातार सामने आने से व्यापारी वर्ग में परेशानी बढ़ गई हैं। व्यापारी कहते हैं कि यदि समय रहते इन शातिर लोगों को पकड़ा नहीं गया तो स्थानीय बाजार में व्यापार करना जोखिम भरा हो जाएगा। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नकली नोट कहां से आ रहे हैं और किस चैनल के जरिए बाजार में फैल रहे हैं। डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल ने बताया कि नकली नोटों का मामला संवेदनशील है। पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। किसी भी दुकानदार या नागरिक के पास संदिग्ध नोट आने पर तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि आम जनता नकली और असली नोट की पहचान को लेकर सतर्क रहे। नोट स्वीकार करते समय वाटरमार्क, सुरक्षा धागे और छपाई की बारीकियों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लोग नकद का ही प्रयोग करते हैं, इसलिए अब नोट लेने-देने में सतर्कता बढ़ गई है। स्थानीय लोग और व्यापारी उम्मीद जता रहे हैं कि पुलिस और प्रशासन जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश करेंगे। साथ ही बाजार में छापा मारकर नकली नोटों के प्रसार को रोका जाएगा। संवाद