फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: शिमला-मटौर फोरलेन विस्थापितों ने की चार गुना मुआवजे की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
- मांगों को प्रशासन के सामने भी रखेंगे, पूरी नहीं हुई तो संघर्ष करेंगे
विज्ञापन


- दगसेच में आयोजित हुई संघर्ष समिति की बैठक

संवाद न्यूज एजेंसीजुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन से विस्थापित होने वाले लोगों ने चार गुना मुआवजा देने सहित कई मांगे उठाई हैं। साथ ही चेताया है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो संघर्ष भी किया जाएगा।
विज्ञापन


शिमला-मटौर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित संघर्ष समिति नौणी-नम्होल की बैठक दगसेच में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता इंटक के राज्य कार्यकारी प्रधान अधिवक्ता भगत सिंह वर्मा ने की। बैठक में विस्थापितों ने संशोधित भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 को लागू करने, फैक्टर नंबर-2 के तहत चार गुना मुआवजा देने, मौके पर अधिकृत भूमि की निशानदेही देकर बुर्जियां लगाने, अधिग्रहण से बची जमीन को चिन्हित करने, आबादी देह रकबे का मुआवजा देने, अधिकृत जमीन का मुआवजा राशि जमा होने के बाद मकान बनाने के लिए कम से कम एक साल का समय देने की मांग पर चर्चा की। इस दौरान इन मांगों को प्रशासन के सामने रखने का निर्णय लिया। इसके अलावा उन्होंने मांग उठाई कि निर्माण के दौरान पुश्तैनी रास्तों, प्राकृतिक जल स्रोत आदि को सहेजने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। वहीं घर, जमीन, फलदार पेड़ सहित अन्य पेड़ आदि के मुआवजे के बारे में प्रभावितों को जानकारी दी जाए। विस्थापितों को फोरलेन के पास निर्माण कार्य में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की एनओसी में छूट भी दी जाए। बैठक में तय किया गया कि इन सभी मांगों के बारे में जल्द ही प्रशासन से बात की जाएगी। मांगों के पूरा न होने पर संघर्ष करने पर विचार किया जाएगा। बैठक में संघर्ष समिति के प्रधान बाबूराम सिसोदिया, कुलवीर भड़ोल, कमलेश नड्डा, काला राम ठाकुर, नानक चंद, नंद लाल, कृष्ण लाल, राजेंद्र ठाकुर, जीवन ठाकुर, चुनी लाल ठाकुर सहित अन्य लोगों मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें