शिक्षा का सच का असर
भाजपा-कांग्रेस नेताओं और अन्य प्रतिनिधियों ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों की परेशानी बताई
पांच दिन चला आंदोलन, अमुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव को अधिसूचना जारी करने के दिए आदेश
-अमर उजाला ने शिक्षा का सच अभियान के तहत लगातार उठाया था मुद्दा
-शासन-प्रशासन को विषय बंद होने की जमीनी हकीकत से कराया था रूबरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जुखाला राजकीय महाविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य संकाय तथा श्री नयना देवी जी राजकीय महाविद्यालय में कॉमर्स की कक्षाएं बंद किए जाने के मामले में अमर उजाला के विशेष अभियान शिक्षा का सच का बड़ा असर सामने आया है। लगातार पांच दिन तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने और पूरे क्षेत्र में चले जन आंदोलन के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री से मिले भाजपा और कांग्रेस के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने दोनों कॉलेजों का पक्ष मजबूती से रखा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव को जुखाला कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद करने संबंधी अधिसूचना वापस लेने, श्री नयना देवी जी कॉलेज में भी कॉमर्स की कक्षाएं बहाल करने के निर्देश दिए।
सदर विधायक रणधीर शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष जुखाला कॉलेज से जुड़े सभी तथ्य विस्तार से रखे। उन्होंने कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या, ग्रामीण क्षेत्र के लिए इसकी उपयोगिता, करीब 90 प्रतिशत छात्राओं के अध्ययन, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की स्थिति, विषय बंद होने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और अधिसूचना वापस लेने के निर्देश दिए। कांग्रेस नेता एवं जिला बीस सूत्रीय कार्यक्रम समिति के सदस्य कुलवीर भड़ोल ने बताया कि मुख्यमंत्री से हुई बैठक में भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जुखाला कॉलेज और श्री नयना देवी जी कॉलेज का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने दोनों कॉलेजों में बंद किए गए संकाय और कक्षाओं को बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जुखाला कॉलेज सहित जिले के अन्य कॉलेज में विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद किए जाने के बाद अमर उजाला ने शिक्षा का सच अभियान शुरू किया। अभियान के तहत लगातार यह सवाल उठाया गया कि ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों का भविष्य क्या होगा, जिनके लिए जुखाला कॉलेज उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र है। खबरों के माध्यम से शासन और प्रशासन को यह बताया गया कि इस निर्णय का सबसे अधिक असर छात्राओं पर पड़ेगा।
अभियान में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया कि कॉलेज में करीब 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत छात्राएं हैं। अधिकांश परिवार खेती-बाड़ी और छोटे-मोटे रोजगार पर निर्भर हैं तथा आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि बेटियों को शहर में पढ़ने भेज सकें। जुखाला से बिलासपुर कॉलेज की दूरी 60 से 70 किलोमीटर होने के कारण यह कॉलेज 15 पंचायतों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख सहारा है। वहीं, श्री नयना देवी जी कॉलेज में कॉमर्स की कक्षाएं बंद होने से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सामने भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई थी। लगातार जमीनी हकीकत सामने आने के बाद यह मुद्दा पूरे क्षेत्र का जन आंदोलन बन गया। 15 पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, अभिभावक, छात्र, सामाजिक संगठनों के साथ भाजपा और कांग्रेस के नेता भी एक मंच पर आ गए। पांच दिन तक धरने, प्रदर्शन, चक्का जाम और विरोध कार्यक्रम चलते रहे। आंदोलन के पांचवें दिन लोगों ने अपने खून से मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर भी विषय बहाल करने की मांग की। मुख्यमंत्री से हुई बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष लेखराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दौलत राम ठाकुर, पूर्व भाजपा जिला महामंत्री बृजलाल ठाकुर, अधिवक्ता अमर सिंह, कांग्रेस युवा नेता कुलवीर भड़ोल, सतदेव शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता बुद्धि सिंह, श्री नयना देवी जी नगर परिषद अध्यक्ष दीपक शर्मा, बृजेश शर्मा और उमेश शर्मा भी उपस्थित रहे।
इनसेट
बेहतर प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों के पक्ष में एकजुट हुआ क्षेत्र
क्षेत्रवासियों ने लगातार यह भी मुद्दा उठाया कि वर्ष 2007 में स्थापित जुखाला कॉलेज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2012 में वाणिज्य और 2016 में विज्ञान संकाय शुरू होने के बाद कॉलेज के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में कई बार स्थान हासिल किया। कई विद्यार्थी नेट-सेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। ऐसे में बेहतर परिणाम देने वाले कॉलेज से विषय बंद करने के निर्णय का पूरे क्षेत्र ने विरोध किया। इसी तरह श्री नयना देवी जी कॉलेज में कॉमर्स की कक्षाएं बहाल करने की मांग भी लगातार उठती रही, जिस पर अब मुख्यमंत्री ने सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर
अमर उजाला में प्रकाशित खबर
अमर उजाला में प्रकाशित खबर
अमर उजाला में प्रकाशित खबर