बिलासपुर। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल छत के करीब 33 बच्चे 10 दिन से घर बैठे हैं। शिक्षा विभाग और प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों की कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। 10 दिन पहले पाठशाला का भवन किरतपुर-नेरचौक फोरलेन की दीवार गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था।
स्कूल भवन को असुरक्षित घोषित करने के बाद बच्चों की कक्षाएं पहले मंदिर में चलाने का निर्णय लिया गया। लेकिन बाद में बैठक कर इसे बदला गया और तय हुआ कि धराड़सानी और ऋषिकेश स्कूल में इन बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाएगा। अभिभावक इसके लिए भी तैयार नहीं हुए और इसके बाद झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में स्कूल में एसएमसी की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि स्कूल निजी भवन में चलाया जाएगा जब तक इसके लिए नई जगह चिह्नित नहीं होती और भवन नहीं बन जाता। अब हैरानी का विषय यह है कि निजी भवन में भी इन बच्चों की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। 10 दिन से बच्चे घर में बैठे हैं। वहीं अभी विभाग और प्रशासन के पास अभी यह भी जानकारी नहीं है कि कक्षाएं कब तक शुरू कराई जानी हैं।
अभी जानकारी नहीं कर सकते साझा : राजेश
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कुलभूषण राजेश ने बताया कि वह इस बारे में वीरवार को ही पूरी जानकारी दे सकते हैं। कक्षाएं कब शुरू होंगी और कौन से भवन में इस बारे में अभी पूरी तरह से कोई जानकारी साझा नहीं की जा सकती है।