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एसओएस केंद्र कुठेड़ा के प्रबंधक ने शिक्षा उपनिदेशक के आरोपों को नकारा

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घुमारवीं(बिलासपुर)। जिला के घुमारवीं उपमंडल के तहत पड़ने वाले कुठेड़ा कस्बे के एक निजी स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर एसओएस की परीक्षा दे रहे छात्रों को परेशान करने का आरोप लगाया है। प्रबंधन वर्ग का आरोप है कि 16 सितंबर को स्कूल में परीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग की टीम पहुंची। वहीं सीसीटीवी कैमरे होने के बाद भी टीम ने जबरन बच्चों के केस बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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एसओएस केंद्र अनुपमा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ा के चेयरमैन निक्का राम मेहता ने कहा कि शिक्षा उपनिदेशक सुदर्शन कुमार ने स्कूल प्रबंधन पर जो बंधक बनाने का आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत है। किसी रंजिश के तहत स्कूल का नाम बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। परीक्षा केंद्र में सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार जो बच्चे परीक्षा देने पहुंचे, उन सब की सैनिटाइजेशन व थर्मल स्क्रीनिंग की गई जो केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। कोरोना महामारी के चलते पूरी व्यवस्था संस्था में होने के बाद भी संस्था को बदनाम किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र में कोविड के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला की निरीक्षण टीम 16 सितंबर को सुबह 9:55 बजे से 11:50 बजे तक स्कूल में रही। इस बीच किसी को भी बंधक नहीं बनाया गया। उल्टा टीम ने संस्था की प्रबंधक कमेटी के साथ बदतमीजी की। संस्था की प्रबंधक कमेटी को धमकाया गया कि जो आपने शिक्षा विभाग के खिलाफ शिकायत कोर्ट में की है, उसे वापस लें।
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बिलासपुर शिक्षा उपनिदेशक सुदर्शन कुमार ने बताया कि पूरे जिले में एसओएस के 15 केंद्र हैं। जिनमें बच्चों की परीक्षाएं ली जा रही हैं। शिक्षा विभाग का उड़नदस्ता किसी भी केंद्र में कितनी भी देर रुक सकता है। अगर स्कूल की प्रक्रिया पर शक हो। एसओएस परीक्षाओं में अभी तक नकल के कुल 11 मामले बने हैं। पूरे मामले कुठेड़ा केंद्र के ही हैं।
शक के घेरे में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी
जिला बिलासपुर में एसओएस के 15 केंद्र होने के बावजूद 11 मामले ही नकल के बनाए गए। वे भी 16 सितंबर को सिर्फ एक ही परीक्षा केंद्र में बने हैं। जिससे शक के घेरे में विभाग के आला अधिकारी भी आ जाते हैं। 15 सितंबर से परीक्षाएं शुरू हुईं लेकिन बोर्ड के उड़नदस्ते व आला अधिकारियों के दस्ते सिर्फ दो पेपर बीत जाने के बाद एक ही स्कूल में आए और 11 मामले बनाए। वहीं स्कूल पर शिक्षा उपनिदेशक को बंधक बनाने का आरोप भी लगाया। अगर बंधक बनाए गए थे तो मामले कैसे बन गए हैं जो उच्च स्तरीय जांच का विषय है। जिला में एसओएस केंद्रों में धड़ल्ले से नकल करवाई जा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। विभाग के आला अधिकारी अपने काम के प्रति कितनी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं, वह भी शक के घेरे में है।
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