श्री राधे कृष्णा कामधेनु गोशाला करयालग सोनी देवी जी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद लोग।
श्रीमद् भागवत कथा में दी 50 हजार रुपये की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। श्री राधे कृष्णा कामधेनु गोशाला करयालग सोनी देवी जी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित अखिलेश कपिल ने श्रीमद्भागवत पुराण का पूजन और श्री राधे का कीर्तन कर कथा की शुरुआत की।
उन्होंने भागवत कथा श्रवण का महत्व बताते हुए कहा कि कथा का श्रवण और सत्संग चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति का साधन बन जाता है। सत्संग ही मनुष्य को अन्य जीवों से विशिष्ट बनाता है। बहुत सारे जन्मों के सद्कर्मों से भाग्योदय होने पर सत्संग और संत दर्शन होता है। उन्होंने गाय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऋषि-मुनियों के देश में गोमाता की महिमा बताने के लिए कथा का सहारा लेना पड़ रहा है, यह ठीक नहीं है। जबकि यहां तो सदियों से गाय को माता का दर्जा मिला हुआ है। ऐसे में यहां गाय के संरक्षण का कोई खतरा नहीं होना चाहिए। गोमाता का शरीर हमारे सभी देवी देवताओं का निवास स्थल है। गोमाता के सींग के मूल में ब्रह्मा, मध्य में नारायण और आगे के भाग में शिव का वास होता है। गोमाता के चारों चरण चार पुरुषार्थ है। गोशाला के प्रबंधक अश्विनी कपिल ने बताया कि गोशाला में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए अमरनाथ शास्त्री ने 50 हजार रुपये की राशि दान स्वरूप प्रदान की। समिति के सदस्यों ने उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर गोशाला के अध्यक्ष रत्नचंद डोगरा, सचिव जोगेंद्र पाल, ध्यान सिंह, ओमप्रकाश, धर्म सिंह, सुखदेव, मनोज कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।