संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पर्वत धारा योजना के तहत ऐतिहासिक रुकमणि कुंड को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3.68 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इस योजना को जल शक्ति विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, बागवानी और पर्यटन विभाग मिलकर पूरा करेंगे।
इस योजना के तहत जल शक्ति विभाग ने रुकमणि कुंड के जल स्तर को बढ़ाने के लिए इसमें एक चेकडैम बनाया है। चेकडैम बनने के बाद इस कुंड से प्रतिदिन 10 लाख लीटर पानी एकत्रित हो रहा है।
रुकमणि कुंड में पानी बढ़ने से इस कुंड पर आधारित पेय जल योजनाएं भी रिचार्ज हो रही हैं जिससे जांगला, बड़ोल देवी, बैहना जट्टां, हीरापुर, डमली और बैरीमियां पंचायतों के हजारों लोगों को भरपूर पानी मिलना शुरू हुआ है।
जल शक्ति विभाग ने योजना के तहत एक करोड़ 33 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग पहाड़ी पर पानी को रोकने का कार्य करेगा। इस काम पर संबंधित विभाग 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे जबकि बागवानी विभाग इस कुंड के आसपास फलदार पौधे रोपेगा। बागवानी विभाग ने इस पर 10,58,000 रुपये खर्च किए जाना प्रस्तावित हैं।
इस कुंड की पहाड़ी पर सात लाख पौधे रोपे जाएंगे। जानकारी के मुताबिक पर्यटन विभाग प्राचीन रुकमणि मंदिर का जीर्णोद्धार करेगा। यहां पर पर्यटकों के लिए बाथरूम और बैठने की सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा।
इस काम पर करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यदि योजना सिरे चढ़ी तो आने वाले समय में रुकमणि कुंड पर्यटन के लिए विकसित होगा। इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा।
जल शक्ति विभाग झंडूता के अधिशासी अभियंता रतन देव ने बताया कि जल शक्ति विभाग ने चेकडैम का निर्माण कर दिया है। विभाग ने अभी तक 85 लाख रुपये की राशि खर्च की है और शेष काम प्रगति पर है।
वहीं झंडूता के विधायक जीत राम कटवाल ने बताया कि रुकमणि कुंड को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत विभिन्न विभाग काम करेंगे। आने वाले समय में रुकमणि कुंड पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभरेगा।