बरठीं बिलासपुर। लगभग 110 हेक्टेयर में लगी लहसुन की फसल को जिला बिलासपुर में सड़न रोग ने जकड़ लिया है। कई किसान इसे ब्लाइट नामक बीमारी बता रहे हैं। दूसरी ओर विशेषज्ञों का तर्क है कि यह ब्लाइट नामक बीमारी नहीं है बल्कि फसल अधिक नमी और बदलते मौसम के कारण सड़ रही है।
जिला में लहसुन की फसल खेतों में ही पीली पड़ने लगी है। पौधे खेतों में सड़ने लगी है जिस कारण लहसुन की कलियां और गठियां सड़ने लगी है। इससे किसानों में हड़कंप की स्थिति है। किसानों का कहना है कि फसल तबाह हो गई तो उनके परिवार के लिए गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा। जिला बिलासपुर के नम्होल, जुखाला, फ्यूरी, बल्हसीणा, झबोला, कसोल, घुमारवीं, बिलासपुर, झंडूता, बरठीं, बड़गांव, बलोह और सुन्हाणी सहित अन्य सभी पंचायतों में कुछ किसान व्यवसायिक और कुछ किसान अपने प्रयोग के लिए लहसुन की खेती करते हैं। वर्तमान में लगभग 110 हेक्टेयर भूमि में लहसुन की फसल तैयार की जा रही है। क्षेत्र के किसानों कृष्ण कुमार, लालचंद ठाकुर, बबीता कुमारी, बालक राम, नरेश कुमार, चिरंजीलाल, सुनीत सिंह, बलदेव दास, राजेश कुमार, राज कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि खेतों में लहसुन की फसल पीली पड़ने लगी है। पौधे पीले पड़ने के बाद सड़ रहे हैं। किसानों ने लहसुन की फसल पर हजारों रुपये खर्च कर रखे हैं। अब तबाह होने से किसानों के होश उड़ने लगे हैं। जिला में 110 हेक्टेयर में लगभग ढाई हजार क्विंटल लहसुन का उत्पादन होता है। किसान लहसुन की खेती से हजारों लाखों रुपये कमाते हैं।
उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के प्रभारी सुमन कुमार ने कहा कि अधिक पानी देने के कारण खेतों में नमी हो जाती है। जिसके कारण फसल खराब हो रही है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जो पौधे खराब है उनको उखाड़ कर फेंक दें और एक बीघा जमीन में 20 ग्राम दवाई 60 लीटर पानी में डालकर छिड़काव करें ताकि लहसुन की फसल को बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने लहसुन की खराब फसल का निरीक्षण भी किया है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि ज्यादा जानकारी के लिए वह कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं कार्यालय में संपर्क कर परामर्श ले सकते हैं।