व्यापारियों ने जताया रोष, नगर परिषद पर दोहरे रवैये के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सड़क किनारे घुमारवीं में अवैध कब्जों को लेकर लोगों और व्यापारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। सीर खड्ड पुल के पास प्रवासियों की ओर से सड़क किनारे स्थायी रूप से दुकानें सजाकर व्यापार किया जा रहा है। इस रोष जताते हुए व्यापारियों ने नगर परिषद प्रशासन पर दोहरे रवैये के आरोप लगाए हैं।
लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर आज सड़क किनारे दुकानें सजाई जा रही हैं, वहां पहले वाहनों की पार्किंग होती थी। शहर में पहले से ही पार्किंग की भारी कमी है। अब बची हुई जगहों पर भी कब्जे होने लगे हैं। इससे लोगों को वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिल रही है। लोगों को मजबूरन सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। इसी स्थान पर नगर परिषद की ओर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया गया था, ताकि शहर आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। अब अवैध कब्जों और सड़क किनारे सजी दुकानों के कारण शौचालय पूरी तरह से ढक गया है। न तो शौचालय आसानी से दिखाई देता है और न ही वहां तक पहुंचना सुगम रह गया है।
लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की अनदेखी के कारण सरकारी सुविधाएं भी कब्जाधारियों के पीछे दबकर रह गई हैं। सड़क किनारे लगी दुकानों के कारण पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोगों को सड़क के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
व्यापारियों का कहना है कि वे हजारों रुपये किराया देकर शहर में दुकानें चला रहे हैं। कुछ लोग सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा कर मुफ्त में व्यापार कर रहे हैं। व्यापारियों ने नगर परिषद पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि स्थानीय दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर थोड़ा-सा सामान भी रख दें तो नगर परिषद की टीम तुरंत कार्रवाई करने पहुंच जाती है, लेकिन सड़क किनारे और सरकारी जमीनों पर हो रहे खुले कब्जों पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो शहर के अन्य खाली स्थानों पर भी कब्जे बढ़ सकते हैं। व्यापारियों के अनुसार प्रवासी व्यापारी 5 अप्रैल को आयोजित ग्रीष्मोत्सव के दौरान शहर में आए थे, लेकिन अब स्थायी रूप से सड़क किनारे दुकानें सजाकर बैठ गए ।
चुनावी प्रक्रिया में व्यस्तता के चलते मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। यदि कहीं अतिक्रमण किया गया है तो उसे जल्द हटाने की कार्रवाई की जाए।
-खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद घुमारवीं