पनौल-अमरपुर से निहाण पुल तक बनाई गई सड़क की टारिंग उखड़ गई है। कुछ अरसे पहले ही इस सड़क पर टारिंग हुई थी। टारिंग उखड़ने से जहां व्यवस्थागत ढांचे पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं हर रोज सफर करने वाले लोग विभाग की कार्यप्रणाली से चिंतित हो गए हैं।
इलाकावासी नरेश कुमार सहोड़, सूबेदार प्रकाश चंद, राजकुमार, अश्वनी कुमार, विपन कुमार, दिनेश कुमार, अंशुल कुमार के साथ अन्य दर्जनों लोगों ने सड़क की दयनीय स्थिति को चिंताजनक करार दिया है। उनका कहना है कि काफी अरसे से लोग इस सड़क को सुधारने की मांग कर रहे थे। करीब 6 से 7 किलोमीटर तक के इस हिस्से पर वाहन चलाना खतरे से कम नहीं था।
लोगों ने बताया कि सड़क की मरम्मत से पहले इसे करीब दो महीनों तक उखाड़कर रखा गया। तब तक लोग इसके बेहतर होने का बेसब्री से इंतजार करते रहे थे लेकिन जब यह ठीक हुई तो चंद दिनों के अंदर ही यह उखड़ गई। अब दो पहहिया वाहन चालकों के लिए तो यह सड़क और परेशानी पैदा कर रही है।
टारिंग के तुरंत बाद ही इस सड़क के करीब 3 किलोमीटर हिस्से की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि वाहन चालकों को वाहन चलाने में भी भय सताने लगा है। कई स्कूटर व बाइक चालक इस पर स्किड हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि विभाग के पास क्या कुछ नहीं है, मशीनरी अच्छी है तकनीक अच्छी है, कर्मचारी अच्छे हैं, अधिकारी बेहतर हैं तो फिर ऐसी नौबत क्यों आती है।
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रकाश चंद ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि उखड़ चुकी सड़क की पुन: मरम्मत की जाए। जब तक सड़क को रिपेयर नहीं किया जाता तब तक अगली पेमेंट नहीं की जाएगी।
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