बिलासपुर। खस्ताहाल हो चुके चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे की हालत अब सुधरने वाली है। गरामोड़ा से बरमाणा तक सड़क की मरम्मत को नेशनल हाईवे अथारिटी ने 10 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि जारी कर दी है।
राशि जमा होने के बाद एनएच पर काम शुरू हो गया है। इससे अब चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर गरामोड़ा से बरमाणा तक लगभग 75 किलोमीटर सड़क चकाचक होगी। गरामोड़ा से बरमाणा एनएच पर बिल्कुल खराब हो चुके स्थानों की मरम्मत की जाएगी।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बड़े-बड़े गड्डे होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गड्डों से वाहनों के कलपुर्जे टूट रहे थे, जिससे ऑपरेटरों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले हजारों पर्यटक भी इसी नेशनल हाईवे से होकर गुजरते हैं। नेशनल हाईवे की हालत खराब होने से पर्यटक भी परेशान होते थे।
नेशनल हाईवे पर प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। एसीसी सीमेंट उद्योग बरमाणा, अंबुजा सीमेंट तथा जेपी उद्योग से जुड़े हजारों ट्रकों सहित अन्य वाहनों का यहां से आवागमन रहता है। नेशनल हाईवे की दुर्दशा को लेकर कई बार ट्रक ऑपरेटरों ने आंदोलन भी किया था। बीडीटीएस यूनियन बरमाणा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को बिलासपुर प्रवास के दौरान एनएच की हालत सुधारने को ज्ञापन सौंपा था। लोक निर्माण विभाग के पास अब नेशनल हाईवे अथारिटी ने गरामोड़ा से बरमाणा तक के एनएच की मरम्मत को 10 करोड़ 20 लाख रुपये जमा करवाए हैं, जिससे गरामोड़ा से लेकर बरमाणा तक नेशनल हाईवे की दशा सुधारी जाएगी।
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ट्रक ऑपरेटरों को सबसे अधिक राहत
बिलासपुर के ट्रक ऑपरेटरों को इससे सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। एसीसी व जेपी सीमेंट कारखाने से हर रोज सीमेंट ढुलाई होती है। इसमें सैकड़ों ट्रक एनएच पर चलते हैं, लेकिन, सड़क की खस्ताहालत के कारण ट्रकों में तकनीकी खराबी आ जाती है। कई बार तो ट्रकों के पट्टे तक टूट जाते हैं। सड़क ठीक होने से ऑपरेटरों को राहत मिलेगी।
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर गरामोड़ा से बरमाणा तक के खराब स्थानों की मरम्मत को नेशनल हाइवे अथारिटी ने 10 करोड़ 20 लाख रुपये जमा करवाए हैं। शीघ्र ही नेशनल हाईवे चकाचक हो जाएगा।-----कृष्ण कांत चौहान, एसडीओ पीडब्ल्यूडी बिलासपुर