कटान के बाद सड़क नहीं हुई बहाल, बरसात में कीचड़, गड्ढों और मलबे से बढ़ा हादसों का खतरा
बैरी से पंजगाईं तक लोग झेल रहे दिक्कत, आठ माह से लोगों को नहीं मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बैरी से नवगांव कैंची मोड़ तक का सफर इन दिनों लोगों के लिए किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। करीब आठ माह पहले करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से सड़क के चौड़ीकरण के लिए कटान शुरू हुआ था, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका। नतीजा यह रहा कि बैरी, साई खारसी, मलोखर, लाड़ाघाट, ठारूघाट और नवगांव तक अधिकांश सड़क बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह पड़े पत्थर, निर्माण मलबा, गहरे गड्ढे और कच्ची सड़क के कारण रोजाना हजारों लोग मुश्किलों के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
सबसे अधिक दिक्कत बैरी से पंजगाईं तक के हिस्से में है। इस पूरे मार्ग पर सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। खराब सड़क के कारण वाहन रेंग-रेंग कर गुजर रहे हैं और छोटी गाड़ियों के सस्पेंशन, टायर व अन्य पुर्जे लगातार खराब हो रहे हैं। इससे वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वाहन चालक रमेश, अनीश, अंकुश, मोहित, धर्मपाल, विश्वनाथ, रत्नलाल सहित अन्यों ने कहा कि बरसात शुरू होने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। कटान के कारण कच्ची पड़ी सड़क पर हल्की बारिश होते ही कीचड़ फैल जाता है। गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों को हर समय फिसलने का डर बना रहता है। कई जगह वाहन चालक संतुलन खोते-खोते बच रहे हैं। चारपहिया वाहन भी बेहद धीमी गति से गुजर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की हालत नहीं सुधारी गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कटान के बाद सड़क किनारे डाले गए पत्थर और निर्माण मलबे को भी अब तक नहीं हटाया गया है। कई स्थानों पर मलबा सड़क तक फैल गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है। आमने-सामने वाहन आने पर एक वाहन को पीछे हटना पड़ता है।
हालांकि नवगांव की ओर निर्माण कार्य जारी है, लेकिन इसकी गति इतनी धीमी है कि लोगों को राहत नहीं मिल रही। आठ माह बीत जाने के बाद भी सड़क का बड़ा हिस्सा कच्चा पड़ा है। यह सड़क बैरी, मलोखर, साई खारसी, पंजगाईं, ठारूघाट और आसपास के दर्जनों गांवों को जुखाला, बरमाणा और जिला मुख्यालय बिलासपुर से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। रोजाना स्कूली छात्र, कर्मचारी, व्यापारी, किसान और मरीज इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं, लेकिन उनकी परेशानी दूर करने की दिशा में अभी तक ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही।
इनसेट
बदहाल सड़क पर सफर करने को मजबूर लोग
बीडीसी सदस्य पंजगाईं वार्ड निशा चंदेल ने कहा कि आठ माह से लोग बदहाल सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं। बरसात में हालात और खतरनाक हो गए हैं, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार नहीं बढ़ाई जा रही। विभाग तुरंत सड़क को यातायात योग्य बनाए और मलबा हटाए। यदि लोगों को जल्द राहत नहीं मिली तो इसके लिए लोक निर्माण विभाग की जवाबदेही तय होगी।
लोगों की जान से खिलवाड़ बंद करे विभाग
जिला परिषद सदस्य बरमाणा वार्ड अशोक कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण में हो रही देरी आम लोगों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही है। रोजाना हजारों लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। विभाग को जिम्मेदारी तय करते हुए निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा करना चाहिए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
कोट
सड़क का काम जारी है। बरसात के बाद टारिंग शुरू हो जाएगी। जहां पर पैच वर्क की जरूरत है वहां पर किया जा रहा है। अगर फिर भी कहीं सड़क खराब है इसे ठीक किया जाएगा। -बलदेव चंद, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, बैरी
बैरी नवगांव सड़क पर जगह जगह गड्ढों में तब्दील हुई सड़क। संवाद
बैरी नवगांव सड़क पर जगह जगह गड्ढों में तब्दील हुई सड़क। संवाद