बिलासपुर के सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडर जगदीश चंद ठाकुर को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करते राज्यप
-अनुकरणीय सेवाओं के लिए राज्यपाल ने किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। होमगार्ड में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए बिलासपुर के सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडर जगदीश चंद ठाकुर को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया है। यह पदक उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण, बहादुरी और अनुकरणीय सेवा के लिए प्रदान किया गया है।
जगदीश चंद ठाकुर 1987 में रक्षक स्वयंसेवक के रूप में भर्ती हुए थे। अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट कार्यशैली के चलते वे जल्द ही डायरेक्ट प्लाटून कमांडर के पद पर नियुक्त हुए और बाद में वरिष्ठ प्लाटून कमांडर के रूप में पदोन्नत हुए। इसके बाद कंपनी कमांडर के रूप में कार्यभार संभालते हुए उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने प्रभारी वाहिनी प्रशिक्षण केंद्र में अपनी सेवाएं दी और अर्की के साथ-साथ जुंगा और शिमला स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में चीफ इंस्ट्रक्टर के पद पर भी कार्य किया। इनके बहादुरी भरे कार्यों में 2006 में श्री नयना देवी जी में मची भगदड़ के दौरान कई लोगों की जान बचाना एक महत्वपूर्ण घटना रही है। इसके अलावा 2014 में राहियां में हुए एक भीषण बस हादसे में भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी उन्होंने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए जिससे वे प्रशासन और जनता के बीच सराहना के पात्र बने। उन्होंने दो बार दिल्ली में आयोजित नेशनल परेड में प्रदेश का नेतृत्व किया और राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। उन्होंने नागपुर स्थित नेशनल कॉलेज से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल को और भी निखारा। 37 साल के सेवाकाल में इन्होंने अनेक सराहनीय कार्य किए, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें इस प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि पर जिला होमगार्ड संगठन के प्रधान विजय धर्माणी और अन्य सहयोगियों ने उन्हें बधाई दी है।