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रिहायशी क्षेत्रों में क्वारंटीन केंद्र होने से लोग खौफजदा

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नयनादेवी जी (बिलासपुर)। बिलासपुर जिला भी कोरोना संक्रमित जिलों में शुमार हो गया। अभी तक जिले में पाए गए कोरोना पॉजिटिव दूसरे जिलों के निवासी थे। सोमवार रात को श्री नयना देवी जी के वार्ड नंबर 5 और सट्टा नंबर-5 में स्थित कैंप हाउस में एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वहीं, क्षेत्र में प्रशासन की ओर से क्वारंटीन केंद्रों में लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। 7 मामले कोरोना पॉजिटिव आने के बाद भी जिला प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
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कोरोना पॉजिटिव युवक को सोमवार देर रात लगभग 1.30 बजे चांदपुर शिवा आयुर्वेदिक कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। उसके साथ एक अन्य युवक भी था। जिसके सैंपल मंगलवार को लिए गए। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन ने आनन-फानन में नयना देवी में क्वारंटीन केंद्र खोल दिए, जोकि रिहायशी इलाकों में हैं। सोमवार रात कोरोना पॉजिटिव मामला प्रकाश में आने के पश्चात पूरे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। वार्ड नंबर 5 में स्थित उक्त पेपर हाउस से रिहायशी मकानों की दूरी मात्र 20 मीटर है। जबकि, बस स्टैंड पर स्थित मात्री आंचल जिसे प्रशासन ने कोविड हेल्थ केयर सेंटर बना दिया है। इसके बिल्कुल पास एक रिहायशी मकान है। वैसे भी बस स्टैंड पर लोगों का आना जाना लगा रहता है। इतना ही नहीं मंदिर के नजदीक सराय नंबर 4 और गुफा के नजदीक मात्री सदन को भी क़्वारंटीन केंद्र बनाया गया। यह दोनों भवन रिहायशी इलाकों में पड़ते हैं। वहीं, क्वारंटीन केंद्रों में लोगों को रखने की व्यवस्था भी सही नहीं है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को एक साथ रखा जा रहा है। उधर, एसडीएम नयना देवी सुभाष गौतम ने केंद्रों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से इंकार किया है। कहा कि रिहायशी इलाकों से इन सेंटरों का कोई लेना देना नहीं है। कोरोना के मामले में 2 मीटर की दूरी रखना जरूरी है तथा क़्वारंटीन और आईसोलेशन में रखे गए लोगों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में इन सेंटरों को अन्यत्र शिफ्ट करने का कोई औचित्य नहीं है।
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