पांच घंटे रेस्क्यू के बाद बचाई घायल तेंदुए की जान
बामटा पंचायत में वन विभाग को मिला घायल तेंदुआ
उपचार के बाद वन्यजीव पुनर्वास टृूटीकंडी भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/जुखाला। बिलासपुर जिले के बामटा में शनिवार सुबह एक घायल तेंदुआ मिला। स्थानीय ग्रामीण ने इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने वन विभाग की टीम को सूचित किया। करीब पांच घंटे बाद तेंदुए को रेस्क्यू कर चांदपुर पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे वन्यजीव पुनर्वास केंद्र टूटीकंडी भेजा गया।
मिली जानकारी अनुसार शनिवार सुबह करीब 7 बजे बामटा के रमेश शर्मा ने अपने घर से करीब 100 मीटर दूरी पर एक तेंदुआ बैठा हुआ देखा। उन्होंने देखा कि बड़ी देर से तेंदुआ एक ही जगह बैठा है और हिलडुल नहीं रहा है। उन्होंने इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी। सदर पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने घायल तेंदुए को देखकर पशुपालन विभाग के चिकित्सकों को मौके पर बुलाया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंदीप कुमार, डॉ. मंदीप कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी जुखाला डॉ. विकास, कमल किशोर, रजनीश महाजन और प्रकाश चंद ने वन विभाग की टीम के साथ मिलकर घायल तेंदुए को बेहोश किया। तेंदुए को बेहोश करने के बाद उसे उपचार के लिए उपमंडलीय पशु चिकित्सालय चांदपुर ले जाया गया। जहां पर उसकी जांच और उपचार किया गया। चिकित्सक ने पाया कि इस तेंदुए की पिछली टांगों के मांस और हड्डियों में चोटें आई हैं। इसकी वजह से वह चलने के काबिल नहीं था।
इनसेट
वन विभाग की टीम ने बामटा में घायल तेंदुए को रेस्क्यू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वन्यजीव पुनर्वास केंद्र टूटीकंडी भेज दिया गया है, क्योंकि यह तेंदुआ जंगल में छोड़ने के काबिल नहीं था।
अवणी भूषण रॉय, डीएफओ, बिलासपुर