फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: किरतपुर-नेरचौक फोरलेन में अधिग्रहित जमीन, भवनों का कब्जा दिलाने का आग्रह

Sun, 16 Feb 2025 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
-एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी बिलासपुर को लिखा पत्र
विज्ञापन

-फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को आरटीआई में दी जानकारी


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मंडी के परियोजना निदेशक ने भू अर्जन अधिकारी विशेष भू अधिग्रहण इकाई बिलासपुर को पत्र लिखा है कि किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर मुआवजा आवंटन के उपरांत भी कुछ अधिग्रहित भूमि और भवनों का कब्जा उन्हें नहीं मिला है। कहा कि इनका कब्जा एनएचएआई को दिलाया जाए।
परियोजना निदेशक ने भू अर्जन अधिकारी कार्यालय के पत्र संख्या 50 व 71, अपील संख्या 11-27/24-44/25 और सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपीलीय अधिकारी के फैसले का हवाला दिया। कहा कि अधिग्रहित भूमि और भवनों का कब्जा सौंपना भू अर्जन अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने पत्र संख्या 58 व 61 का भी जिक्र करते हुए भू अर्जन अधिकारी को भू-अर्जन अधिनियम 1956 की धारा ई के तहत आवश्यक कार्रवाई कर अधिग्रहित भूमि और भवनों का कब्जा एनएचएआई को दिलाने को कहा है। बताते चलें कि मुआवजा आवंटन के बाद मौके पर स्थिति की जानकारी के लिए फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत भू अर्जन अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी से सूचना मांगी थी। लेकिन, जन सूचना अधिकारी ने यह जानकारी उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए अलग-अलग गांवों के लिए अलग-अलग आवेदन करने की बात कही थी। इसके खिलाफ समिति ने प्रथम अपीलीय अधिकारी, सामाजिक विकास अधिकारी शिमला के समक्ष 34 अपीलें दायर कीं। इन अपीलों की सुनवाई 7 दिसंबर 2024 को हुई थी, जिसके बाद भू अर्जन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि समिति द्वारा दायर अपीलों को आरटीआई अधिनियम के तहत परियोजना प्रबंधन को स्थानांतरित कर सूचना उपलब्ध करवाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन्हीं निर्देशों की अनुपालना में भू अर्जन अधिकारी ने मौजा गरा, री, मेहला, तुन्हु, पट्टा, उपरली भटेड़, धराड़सानी, छत्त, मेहरोईयां, कोठी, बैहलग, बैहनां, जट्टां, कल्लर, औहर, पलथी, बकरोआ, बागठेहड़ु, पनोह, रोहिण, अमरसिंह पुरा, मल्यावर, बलोह, डैहर, अलसू, भवाणा, हरा बाग आदि गांवों में दर्ज अधिग्रहित भूमि और मकानों की सूचना परियोजना निदेशक को भेज दी। हालांकि, परियोजना निदेशक ने इन सभी आवेदन पत्रों को वापस करते हुए भू अर्जन अधिकारी से आग्रह किया कि एक्ट 1956 की धारा ई के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए अधिग्रहित संपत्तियों का कब्जा एनएचएआई को दिलाया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें