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राहत : अब एम्स बिलासपुर में ही होगी आंखों की थ्रीडी जांच

Sat, 27 Jun 2026 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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स्विट्जरलैंड की अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा संस्थान का नेत्र रोग विभाग
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प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में नई तकनीक लाने की तैयारी शुरू
जटिल नेत्र रोगों का होगा सटीक निदान, मरीजों को नहीं भटकना पड़ेगा बाहर

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में आंखों की गंभीर बीमारियों की जांच के लिए राहत भरी खबर है। अब मरीजों को बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। एम्स प्रशासन ने नेत्र रोग विभाग के लिए उच्च-स्तरीय थ्रीडी इमेजिंग स्लिट लैंप प्रणाली खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है।
यह उच्च-तकनीकी उपकरण अस्पताल में नेत्र जांच सुविधाओं को पूरी तरह बदल देगा। नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार, यह कॉर्निया, लेंस, आइरिस और रेटिना की बारीकी से जांच करेगा। इससे मोतियाबिंद, काला मोतिया और आंखों के संक्रमण का सटीक आकलन होगा। थ्रीडी इमेजिंग तकनीक से आंखों के अंदरूनी हिस्सों की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड होंगे। डॉक्टरों के पास मरीज की बीमारी का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे इलाज के दौरान सुधार की सटीक निगरानी हो सकेगी। यह विश्वस्तरीय उपकरण स्विट्जरलैंड की एक कंपनी का पेटेंटशुदा उत्पाद है। बीक्यू-900 स्लिट लैंप विद इमेजिंग मॉड्यूल आईएम-910 का निर्माण केवल वही कंपनी करती है।
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उन्नत नेत्र जांच के लाभ
इस अत्याधुनिक प्रणाली से आंखों की कई जटिल बीमारियों का पता चलेगा। कॉर्निया की बीमारियां और गंभीर चोटें भी सटीक रूप से जांची जा सकेंगी। मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। यह सुविधा हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए उपयोगी होगी।
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खरीद प्रक्रिया और व्यापक प्रभाव
एम्स प्रशासन ने इस उपकरण की खरीद के लिए स्वामित्व सूचना जारी की है। संबंधित कंपनियों से 10 जुलाई 2026 तक आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्ति न आने पर खरीद प्रक्रिया योग्यता के आधार पर आगे बढ़ेगी। यह उपकरण चिकित्सा छात्रों को उन्नत प्रशिक्षण में मदद करेगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी शोध कार्यों में बड़ी सहायता मिलेगी।
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