राजकीय महाविद्यालय जुखाला में एनएसएस विशेष शिविर का शुभारंभ
व्यक्तित्व विकास, सामाजिक सरोकार, सेवा भावना पर रहेगा फोकस
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। राजकीय महाविद्यालय जुखाला में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर शुरू हुआ। प्राचार्य डॉ. ध्रुव पाल सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में पहुंचकर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद पूरे वातावरण में उत्साह का संचार हो गया।
डॉ. सिंह ने स्वयंसेवियों को अनुशासन, संवेदनशीलता, सहयोग और समर्पण भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जिज्ञासा और अनुभव ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की नींव हैं। समाज में जाकर उसकी पीड़ा को समझना ही वास्तविक शिक्षा है। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहायक आचार्य अमन शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए शिविर की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सात दिन तक स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं को सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता, स्वच्छता अभियान, व्यक्तिगत अनुशासन और सामुदायिक सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। शिविर के दौरान विशेष व्याख्यान, ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा, सामाजिक सर्वेक्षण और समूह आधारित कार्य भी कराए जाएंगे। प्राचार्य डॉ. ध्रुव पाल सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए समाज के साथ प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि एनएसएस सेवा के माध्यम से शिक्षा की भावना पर आधारित है, जिसमें विद्यार्थियों को समाज की आवश्यकताओं, समस्याओं और चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। रिया ठाकुर ने पारलिया बनिया मोर बोले हो, गीत प्रस्तुत कर वातावरण में रंग घोल दिए। शालू ने अम्मा जी मैं नहीं जाना सांवरिया रे देश…गीत से सभी को भावुक कर दिया। मनीषा शर्मा ने कौन कहता है…गजल सुनाई, जबकि छात्राओं के समूह ने पारंपरिक पहाड़ी नाटी पेश कर सभागार में उत्साह और उल्लास का माहौल बना दिया। शुभारंभ समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक,गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सात दिवसीय शिविर को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।