घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं में सरकारी स्कूल में छात्रा के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले को प्रधानाचार्य ने अपने स्तर पर ही रफादफा कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले हुए इस मामले में रसुखदारों का हस्तक्षेप होने के कारण प्रधानाचार्य भी इस मामले को अपने स्तर से आगे नहीं बड़ा पाई। हालांकि इसपर कार्रवाई करते हुए शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर ने प्रधानाचार्य से छात्रा द्वारा दी गई शिकायत की कॉपी को मांगा है। वहीं पूछा है कि संगीन मामला होने के बाद प्रधानाचार्य के समक्ष समझौता किस आधार पर करवाया।
दबी जुबान में शहर में दिनभर चर्चा चली रही कि शहर में स्थित एक सरकारी स्कूल के अध्यापक ने स्कूल की छात्रा के साथ कुछ दिन पहले छेड़छाड़ की है। छेड़छाड़ करने वाला अध्यापक स्कूल के छात्राओं को अपने क्वार्टर पर ही ट्यूशन पढ़ाता था। कुछ दिन पहले चार छात्राओं ने अध्यापक पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। इस पर अध्यापक अन्य अध्यापकों के साथ छात्राओं के घर पर खुद भी गया था तथा पहले अपनी पत्नी को भी इनके घर भेजा गया था। अध्यापक की पत्नी के द्वारा छात्राओं के परिजनों पर दबाव बनाया गया है कि तुम समझौता कर लो, नहीं तो अध्यापक कोई गलत कदम उठा सकता है जिससे उसकी जान भी जा सकती हैं। इन बातों का हवाला देकर पहले दो लड़कियां समझौता करने के लिए तैयार हो गई थीं और बच्ची दो छात्राओं ने भी आज स्कूल कमेटी तथा प्रधानाचार्य के सामने समझौता कर दिया है।
जब यह छेड़छाड़ का मामला घटा था और इसका पता प्रधानाचार्य को लगा था तो अध्यापक को बुलाकर माफी मांगने के बाद छोड़ दिया गया था। अगर उस समय प्रधानाचार्य ने खुद इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई होती तो शायद आज जो समझौता हुआ है वह नहीं होता तथा नाबालिग छात्राओं के साथ घटित घटना का इन छात्राओं को इंसाफ मिलता और अध्यापक को उसके करने की सजा मिली होती।
शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य का फोन आया था तो उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजन स्कूल में आए थे तो उन्होंने लिख कर दे दिया है कि यह गलतफहमी से हो गया है। पर मेरे पास अभी यह पत्र नहीं आया है और मैने उनको कह दिया है कि शिकायत पत्र मुझे भेज दें।