हिमाचली लोक संस्कृति के नाम रही नम्होल मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पशु मंडी एवं किसान मेले नम्होल की दूसरी सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक संस्कृति और संगीत के नाम रही। रामपुर से आईं उभरती गायिका रमना भारती ने अपनी दमदार गायकी से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, अन्य कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। मंच संचालक चमन वर्मा ने शेरो-शायरी और रोचक अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन किया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मेला समिति के अध्यक्ष बाबूराम सिसोदिया, महासचिव शोभाराम ठाकुर, कोषाध्यक्ष नंदलाल कौंडल और अन्य सदस्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय लोक गायक सुभाष शर्मा हिमाचली की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद प्रमोद शर्मा ने अपनी गायकी से दर्शकों का मनोरंजन किया। शिमला से आईं गायिका किरण शर्मा और रीता ठाकुर ने भी गीतों से समां बांधा।
शिमला से आए चमन कौशल ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। नादौन से आए गायक हंसराज ने ग्रामीण परिवेश से जुड़े गीतों के माध्यम से हिमाचली लोक संस्कृति की झलक पेश की। उनके साथ आईं रंजना ने पंजाबी गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना हासिल की।
सांस्कृतिक संध्या के अंतिम चरण में रमना भारती ने अपनी गायकी से पूरे पंडाल में माहौल खुशनुमा बना दिया। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। मंच संचालक चमन वर्मा ने शेरो-शायरी के माध्यम से कार्यक्रम में चार चांद लगाए।
इस अवसर पर पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने तथा अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का सुझाव भी दिया।
नम्होल मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में मौजूद दर्शक। स्रोत: मेला कमेटी