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Bilaspur News: राजनकांत ने जमीन की निशानदेही के लिए उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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मंगरोट में शिमला-धर्मशाला राजमार्ग की जमीन के विवाद का मामला
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-उपायुक्त ने तहसीलदार को दिए जमीन की निशानदेही करने के निर्देश
-निशानदेही के दौरान होगी वीडियोग्राफी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के मंगरोट में शिमला-धर्मशाला राजमार्ग की निशानदेही की मांग को लेकर राजनकांत ने ग्रामीणों के साथ सोमवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने तहसीलदार को दोबारा निशानदेही करने के निर्देश दिए हैं। निशानदेही के साथ वीडियोग्राफी के निर्देश भी दिए गए हैं।
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उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में राजनकांत ने बताया कि फर्द कब्जे के हिसाब से पैमाइश की गई थी तो पटवारी कानूनगो ने उन्हें लिखकर दिया था कि जो उनकी जमीन है वह सड़क में है और सड़क कहीं और से है। उसके बाद फिर उस जमीन पर विवाद शुरू हो गया था। उसने आरोप लगाया कि मौके की गलत रिपोर्ट बनाई गई। इसकी शिकायत पुलिस हेल्पलाइन शिमला मुख्यालय में की थी। उसके बाद उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया था। उसने शिकायत वापस नहीं ली। इसके बाद विभागीय अधिकारी निरीक्षण के लिए मंगरोट पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्वयं ही नपाई की। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी भूमि राजमार्ग से पीछे है। जब उन्हें राजमार्ग के किनारे निशानदेही न करके एक नंबर रकबा से निशानदेही करने आग्रह किया तो उन्होंने मना कर दिया। राजनकांत ने बताया कि जिसे विभागीय अधिकारी उसकी भूमि बता रहे हैं, वह किसी और की है। उस व्यक्ति की भूमि उससे पीछे के बनेदार के हिस्से में बता रहे हैं। इस तरह से तो ग्रामीणों में भूमि विवाद शुरू हो जाएगा। इसलिए सही ढंग से इसकी जांच की जाए। उपायुक्त ने तहसीलदार को दोबारा से निशानदेही करने के निर्देश दिए हैं। राजनकांत ने मांग रखी कि निशानदेही के दौरान वीडियोग्राफी की जाए। उपायुक्त ने कहा कि निशानदेही के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य में किसी का दुर्व्यवहार नहीं किया जाए। उन्हें अपना काम बिना रुकावट के करने दें। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके बाद इसे लेकर वह उनसे मिलें।
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