बारिश न होने से गेहूं और लहसुन की फसलें हो रही थीं प्रभावित
जिले के 58 हजार से अधिक किसान परिवार थे चिंतित
खेतों में नमी आने से अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में करीब तीन माह के लंबे अंतराल के बाद बसंत पंचमी पर हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अक्तूबर के बाद जिले में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से रबी फसलें प्रभावित हो रही थीं। गेहूं की फसल कई क्षेत्रों में पीली पड़ने लगी थीं, जबकि नकदी फसल लहसुन की बढ़त भी रुक गई थी। हालिया बारिश से खेतों में नमी लौटी है, जिससे फसलों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में खेती मुख्य आजीविका का साधन है और लगभग 57,822 किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर हैं। जिले में कुल लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है, जिसमें से केवल 6,500 हेक्टेयर भूमि पर ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। शेष 20,500 हेक्टेयर भूमि पूरी तरह वर्षा आधारित है। बारिश न होने का सबसे अधिक असर इन्हीं गैर-सिंचित क्षेत्रों में देखने को मिल रहा था।
जुखाला बैली सहित दयोथ, रानीकोटला, नम्होल और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर लहसुन की खेती की जाती है। लंबे समय तक बारिश न होने के कारण लहसुन की गांठें नहीं बन पा रही थीं और उत्पादन घटने की आशंका बनी हुई थी। अब बारिश से मिट्टी में नमी आने के बाद किसानों को फसल संभलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं और लहसुन दोनों ही फसलों के लिए इस समय नमी बेहद आवश्यक होती है। यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल बना रहा, तो फसल को और लाभ मिल सकता है। शुक्रवार को सुबह 6 बजे से शुरू हुई बारिश रात तक लगातार होती रही। इस बारिश से आने वाले कम से कम एक माह के लिए किसानों को राहत मिली है।
किसानों का कहना है कि बीते कई हफ्तों से फसलें मुरझा रही थीं। बारिश से खेतों में नमी आई है और पौधों की स्थिति में कुछ सुधार दिखने लगा है। किसानों ने उम्मीद जताई कि आगे मौसम ने साथ दिया तो पैदावार ठीक हाेगी।
कोट
जिला उपनिदेशक कृषि प्रेम ठाकुर ने बताया कि सूखे के कारण गेहूं की पैदावार पर असर पड़ा था, लेकिन इस बारिश से फसल में सुधार आने की संभावना बनी है।