आवश्यक वस्तुओं की समय पर आपूर्ति न होने से आम उपभोक्ता परेशान
अधिक दाम पर दुकान से करनी पड़ रही है चना दाल, सरसों तेल, चीनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत संचालित राशन डिपुओं में इन दिनों खाद्य सामग्री का गंभीर संकट बना हुआ है। आवश्यक वस्तुओं की समय पर आपूर्ति न होने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। चना दाल, सरसों तेल और चीनी जैसी जरूरी वस्तुएं डिपुओं में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे लोगों को मजबूरी में खुले बाजार का रुख करना पड़ रहा है।
जिले के अधिकांश राशन डिपुओं में इस माह दालों की सप्लाई अभी तक नहीं पहुंची है। कई उपभोक्ता बार-बार डिपुओं के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। दाल न मिलने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सरसों तेल की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। जिले में प्रतिमाह लगभग 2 लाख 20 हजार लीटर सरसों तेल की खपत होती है, लेकिन वर्तमान में इसकी सप्लाई पूरी तरह से बंद है। तेल न मिलने के कारण उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ रहा है। राशन डिपुओं में चीनी की सप्लाई भी लंबित चल रही है, जबकि जिले में हर माह करीब 2,000 क्विंटल चीनी का वितरण किया जाता है। त्योहारों और घरेलू जरूरतों के समय चीनी न मिलने से उपभोक्ताओं में खासा रोष देखा जा रहा है। दाल, तेल और चीनी के बाद एपीएल कार्डधारकों के आटे के कोटे पर भी संकट खड़ा हो गया है। जिले में प्रति परिवार प्रतिमाह 14 किलो आटा निर्धारित है, लेकिन इस माह अभी तक आटे की सप्लाई कई डिपुओं में सुचारू रूप से नहीं पहुंची है। विभागीय जानकारी के अनुसार यदि इस माह आटे की सप्लाई आती भी है, तो उपभोक्ताओं को पूरे कोटे के बजाय मात्र 10 किलो आटा ही दिया जा सकता है।
जिला खाद्य नियंत्रक ब्रिजेन्द्र पठानिया ने बताया कि राशन की कुछ वस्तुओं की आपूर्ति ऊपर से ही समय पर नहीं हो पा रही है। तेल और दालों की उपलब्धता को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जैसे ही स्टॉक प्राप्त होगा, सभी राशन डिपुओं में प्राथमिकता के आधार पर वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि आटे की सप्लाई सुचारू है। अगर कहीं नहीं हुई होगी तो डिपो धारक या उपभोक्ता सूचित करे इसे सुचारू किया जाएगा।
इनसेट
जिले में कुल राशन कार्डधारक 4,16,000 हैं। सरसों तेल की मासिक मांग 2.20 लाख लीटर है। चीनी की मासिक खपत 2,000 क्विंटल है।