बिलासपुर (रामपुर)। मारपीट में गंभीर जख्मी कारीगर इकराम की नौ दिन बाद मुरादाबाद के अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने युवक की हत्या करने का आरोप लगाते हुए हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कोतवाली का घेराव किया। कोतवाली प्रभारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। इसके बाद परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए- खाक कर दिया।
नगर के मोहल्ला शीरीमियां निवासी इकराम अहमद 25 वर्ष पुत्र इरशाद अहमद कपड़ों की कढ़ाई करता था। इकराम के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई थी कि 28 मई को नगर के मोहल्ला डैम कालोनी निवासी विशाल उसके पुत्र इकराम को किसी काम के बहाने सीमांत प्रदेश उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंहनगर के कस्बा गदरपुर कार से ले गया था। आरोप था कि विशाल ने वापसी के समय अपने कुछ साथियों की मदद से इकराम को मारपीट कर माठखेड़ा रोड पर बाईपास के पास गंभीर हालत में फेंक दिया था। पुलिस ने विशाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद परिजन उसका मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे। शुक्रवार की रात इकराम की मौत हो गई। शनिवार की दोपहर परिजन शव को घर पहुंचे तो लोगों में पुलिस के प्रति रोष फैल गया। तमाम लोग इकराम के पिता को लेकर कोतवाली पहुंचे और कोतवाली का घेराव कर लिया। लोगों की मांग थी कि इकराम के हत्यारों को पुलिस ने नौ दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं किया है। परिजनों ने कोतवाली प्रभारी प्रिंस शर्मा से मुलाकात की और हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि इस तरह भीड़ लेकर थाने आने का उनका तरीका गलत है। आरोप युवक को उन्होंने हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच कर शीघ्र ही असलियत का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इसके बाद परिजन भीड़ के साथ अपने घर चले गए और इकराम को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।