खालिस्तान समर्थक एसएफजे ने भेजा धमकी भरा मेल।
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हिमाचल में भिंडरावाले के झंडे लगाने से उपजे विवाद के बाद अब प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 14 अप्रैल को मनाए जाने वाले संविधान निर्माता भीमराव आंबेडकर के जयंती समारोह पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अलगाववादी संगठन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर इसको लेकर चेतावनी जारी की है। मामले को देखते हुए पुलिस समेत सभी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। 14 अप्रैल के आंबेडकर जयंती समारोह के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
एसएफजे समूह का कहना है कि डॉ. आंबेडकर ने अनुच्छेद 25 (बी) के माध्यम से सिखों को हिंदू के रूप में पुनर्वर्गीकृत करके और उनकी विशिष्ट धार्मिक पहचान को मिटाया है। समूह ने पत्र के माध्यम से आंबेडकर को सिखों और दलितों दोनों का विश्वासघाती बताया है। एसएफजे ने आंबेडकर जयंती के दौरान शिमला में आंबेडकर की प्रतिमा पर खालिस्तान का झंडा फहराने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की है। उधर, हिमाचल पुलिस के महानिदेशक डॉ. अतुल वर्मा ने कहा कि पन्नू गीदड़ भभकियां देता रहता है और पुलिस अलर्ट है।