बिलासपुर। सरकार से नए अनुबंध के तहत कामकाज संभालने वाली क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब की सेवाएं तीन महीनों बाद भी जिले के अस्पतालों में सुचारु नहीं हो पाई है। लैब टेस्ट और टेस्ट रिपोर्ट के लिए मरीज और उनके तीमारदार परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लैब से टेस्ट की रिपोर्ट दो दिन बाद भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की बात करें तो क्रस्ना डायग्नोस्टिक्स लैब का अस्थायी सेंटर शुरू किया गया है। निजी लैब में रोजाना करीब 70 से 80 सैंपल लेकर परीक्षण के लिए मोहाली भेजे जा रहे हैं। कई मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मरीज परेशान हैं। अधिकतर समस्या दूरदराज के मरीजों को हो रही है। रिपोर्ट लेने के लिए उन्हें कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जब तक रिपोर्ट नहीं मिलती, उनका इलाज भी शुरू नहीं हो पाता। जिले के अन्य अस्पतालों में भी स्थिति भी इससे इतर नहीं है।
अनुबंध के अनुसार क्रस्ना डायग्नोस्टिक को जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तीन महीने के भीतर लैब स्थापित करनी थी। यह तीन महीने की अवधि पूरी हो चुकी है। बावजूद इसके अस्पतालों में लैब स्थापित नहीं हो पाई है। सरकार भी इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा है।
0
कोट्स
क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब प्रबंधन को लैब टेस्ट से जुड़ीं सभी जरूरी मशीनें स्थापित करने लिए कड़े निर्देश दे दिए गए हैं। कंपनी को दी गई तीन महीने के समय अवधि भी खत्म हो चुकी। प्रबंधन को दो बार पत्र भी लिखे जा चुके हैं। पूरी तरह लैब स्थापित होने के बाद सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
डॉ. प्रवीण कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी