बिलासपुर। जिले में निजी बस ऑपरेटरों ने प्रशासन और एक तथाकथित मीडिया कर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऑपरेटरों ने कहा है कि प्रशासन तथाकथित मीडिया कर्मी को लाभ पहुंचाने के चक्कर में जिले के बस ऑपरेटरों को पास तक जारी नहीं कर रहा है। जबकि, यह कर्मी हमीरपुर से महंगे दाम पर बसें मंगवा कर बाहरी राज्यों को भेज रहा है।
ऑपरेटरों का आरोप है कि यह पूरा कार्य प्रशासन की देखरेख में हो रहा है। वहीं तथाकथित कर्मी का कहना है कि लोग उसके पास घर जाने के लिए अप्रोच कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर तथाकथित कर्मी के पास लोग अप्रोच कर रहे हैं तो फिर प्रशासन क्या कर रहा है? वहीं इस संबंध में बस ऑपरेटरों ने सोमवार को उपायुक्त को शिकायत पत्र भी सौंपा है। इस दौरान गुस्साए बस ऑपरेटरों ने एम्स के पास बसों को रोका, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बसें जाने दी गईं। इसके बाद ऑपरेटर डीसी से मिले लेकिन उसका भी कोई लाभ नहीं हुआ। निजी बस यूनियन संघर्ष समिति के प्रधान अमरजीत सेन ने कहा कि उपायुक्त को दिए पत्र में बाहर की गाड़ियों से पहले जिले के ऑपरेटरों को काम देने की मांग की है। लेकिन, उन्हें अनसुना कर दिया गया है। एक तथाकथित मीडिया कर्मी अपना कमीशन सेट कर हमीरपुर से बसें मंगवा रहा है। जबकि जिले के बस ऑपरेटर कम दामों पर सवारियां ले जाने को तैयार हैं।
निजी बस यूनियन के प्रधान रमेश ठाकुर, सुनील चंदेल, शरीफ मुहम्मद ने आरोप लगाया कि एक ही मालिक की हमीरपुर से बसें भेजी जा रही हैं जो बिलासपुर के ऑपरेटरों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि वह उन बसों से भी कम किराये पर जाने को तैयार थे लेकिन उन्हें नहीं भेजा गया।
उधर, मीडिया कर्मी का कहना है कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। लोग उन्हें खुद फोन करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी जरूरी साक्ष्य मौजूद हैं। जरूरत पड़ने पर वह उन्हें दिखा देंगे। उपायुक्त राजेश्वर गोयल का कहना है कि अगर इस प्रकार की कोई बात है तो लोग उनसे शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत आने पर मामले की जांच की जाएगी।