घुमारवीं (बिलासपुर)। जिले में सोमवार को 30 रूटों पर निगम की बसें चलेंगी। वहीं 305 निजी बसों के पहिये थमे रहेंगे। निजी बस ऑपरेटर पिछले नौ माह से लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। सरकार भी बार-बार आश्वासन दे रही है। लेकिन अभी तक इस पर कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। जिला बिलासपुर के निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि जब तक सरकार मांगों को नहीं मानती है तब तक जिले में 305 निजी बसों को खड़ा ही रखा जाएगा। वहीं सोमवार को 30 रूटों पर निगम की बसें चलेंगी।
निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कोरोना के कारण सवारियां भी कम हैं। इसके चलते निजी बस ऑपरेटर बसें चलाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2021 को हिमाचल दिवस के मौके पर 3 माह का 50 प्रतिशत टैक्स माफ करने की घोषणा की गई थी। जबकि बस ऑपरेटरों को पिछले 9 माह का टैक्स देना बाकी है। सरकार आश्वासन देने के बावजूद भी कोई फैसला नहीं ले रही है।
निजी बस ऑपरेटर के जिला प्रधान राजेश पटियाल ने कहा कि प्रदेश के सभी ऑपरेटर सरकार से बार-बार गुहार लगा रहे है कि उनका टैक्स माफ और वर्किंग कैपिटल आवंटित कर दी जाए। 25 मार्च 2021 को प्रधान सचिव परिवहन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया था कि जब भी कैबिनेट की बैठक होगी उसमें इस मुद्दे पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। लेकिन कैबिनेट बैठकें होती रहीं लेकिन बस ऑपरेटरों के मुद्दे पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। निजी बस ऑपरेटरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला 24 अप्रैल को वर्चुअल बैठक में लिया था। इसके बाद भी सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी है।
आरएम बिलासपुर केएल यादव ने बताया कि जिले में सोमवार को 30 रूटों पर निगम की बसें चलाई जाएंगी। रविवार को सूची तैयार की जाएगी। बरठीं-शाहतलाई के लिए सुबह व शाम को ही रूट चलाए जाएंगे। वहीं घुमारवीं-बिलासपुर के लिए नियमित रूप से रूट चलाए जाएंगे।