बोले, वापस नहीं हुआ निर्णय तो संघर्ष के लिए होंगे बाध्य
वेतन लाभ देने के बजाए वेतन कटौती का दिया जा रहा उपहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ बिलासपुर इकाई की वर्चुअल बैठक जिला प्रधान रमेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से 6 सितंबर को हायर पे ग्रेड के लाभ की तीन वर्ष पूर्व जारी अधिसूचना को वापस लिए जाने की कड़ा विरोध जताया है।
संघ ने कहा कि इस अधिसूचना से 3 जनवरी 2020 के उपरांत नियमित हुए प्राथमिक शिक्षकों के वेतन में 10 हजार रुपये से अधिक की कमी हो रही है। यह स्थिति सभी विभागों के कर्मचारियों के वेतन के साथ बन रही है। यह पहली बार इतिहास में होगा कि कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने के स्थान पर वेतन कटौती के उपहार दिए जा रहे है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। पहले ही महंगाई भत्ते की कई किश्तों को जारी नहीं किया गया है। जारी महंगाई भत्ते की किश्तों के एरियर नहीं दिए गए हैं। जनवरी 2016 से लागू वेतनमान का एरियर भी नौ वर्ष बीत जाने पर भी नहीं दिया गया है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों के वेतन में कटौती की यह अधिसूचना समझ से परे है। संघ ने मुख्यमंत्री से इस अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि इसे वापस नहीं दिया जाता है, तो प्राथमिक शिक्षक संघ बड़े संघर्ष के लिए बाध्य होगा। इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने पर भी प्राथमिक शिक्षक संघ आगे बढ़ रहा है। किसी भी स्थिति में कर्मचारी विरोधी निर्णय प्राथमिक शिक्षक संघ स्वीकार नहीं करेगा। बैठक में जिला महासचिव रणजीत सिंह ठाकुर, मुख्य संरक्षक सुनील शर्मा, वरिष्ठ उप प्रधान बाबूलाल भारद्वाज, कोषाध्यक्ष सुशील कुमार, महालेखाकार बलबीर ठाकुर, सहसचिव राजकुमार सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।