घुमारवीं के चैहड़ में पेड़ों के साथ विद्युत लाइन की तारें। संवाद
चैहड़ क्षेत्र में विद्युत लाइनें बनीं हादसे का कारण
ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षा उपायों की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर के समीप चैहड़ क्षेत्र में बिजली बोर्ड की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। यहां विद्युत लाइनों के तार और पेड़ों की टहनियों से लगातार टकरा रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बोर्ड से तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार जिस स्थान पर बिजली के तार पेड़ों के संपर्क में हैं, वहां से एक प्रमुख पैदल मार्ग गुजरता है। इस रास्ते का उपयोग प्रतिदिन स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों की ओर से किया जाता है। ऐसे में किसी भी समय करंट फैलने या तार टूटने की स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाएं सीधे विद्युत तारों को छू रही हैं। तेज हवा चलने पर टहनियां और तार आपस में रगड़ खाते हैं, जिससे चिंगारी निकलने और शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है, क्योंकि नमी के कारण करंट पेड़ों और आसपास के क्षेत्र में फैल सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। सुबह और दोपहर के समय स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की संख्या अधिक रहती है। बच्चों को संभावित खतरे की पूरी जानकारी न होने के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि यदि तेज हवा या बारिश के दौरान कोई बड़ी शाखा तारों पर गिर गई तो बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी बोर्ड को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि विद्युत लाइनों के आसपास नियमित रूप से पेड़ों की कटाई-छंटाई नहीं होने के कारण ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता कर्ण चंदेल ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और जल्द ही कर्मचारियों को मौके पर भेजकर बिजली की तारों के संपर्क में आ रही टहनियों की कटाई-छंटाई करवाई जाएगी, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।