-पहले से स्वीकृत पद भी चल रहे खाली, आदर्श अस्पताल में शामिल होने के बाद बढ़ी संख्या
-खाली पदों के साथ आदर्श स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना होगा चुनौतीपूर्ण
-कुछ माह पहले जिले के चार अस्पतालों को मिला था आदर्श अस्पताल का दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के चार आदर्श अस्पतालों में से दो अस्पतालों झंडूता, घवांडल में चिकित्सकों के 5-5 नए पद सृजित किए गए हैं। अब इन अस्पतालों में चिकित्सकों के 10-10 पद हो गए हैं। इन अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। हालांकि,यह निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन सवाल यह है कि इन नए पदों पर नियुक्ति कब होगी, क्योंकि इन दोनों अस्पतालों में पहले से मंजूर पांच पदों में से तीन और चार पद रिक्त चले हैं।
जिले के चार अस्पतालों बिलासपुर, घुमारवीं, घवांडल और झंडूता को कुछ माह पहले आदर्श अस्पताल में शामिल किया गया था। इनमें से घुमारवीं, बिलासपुर अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग ने झंडूता और घवांडल अस्पताल में डॉक्टरों के पद 5 से बढ़ाकर 10 कर दिए हैं। इन पदों से इन अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं का स्तर ऊंचा होने की उम्मीद है, लेकिन नए चिकित्सकों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। इन अस्पतालों में पहले से मंजूर 3 से 4 पद खाली चल रहे हैं। जिससे चिकित्सा कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि इन खाली पदों की भरपाई जल्द की जाएगी। लेकिन जब तक यह नियुक्तियां पूरी नहीं होतीं, आदर्श स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी रूप से विस्तार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकार ने इन अस्पतालों को कागजों में आदर्श तो बना दिया, लेकिन यहां पर स्वास्थ्य सेवाएं बिना चिकित्सकों के कैसे आदर्श होंगी, यह विषय सोचनीय है।
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आदर्श अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाएं
इन अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की स्थापना की जाएगी, ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। ऑपरेशन थियेटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब्स जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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झंडूता और नयना देवी उपमंडल का विशेष महत्व
झंडूता, नयना देवी उपमंडल की लाखों की आबादी को ध्यान में रखते हुए इन अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन उप मंडलों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी मांग है, और विभाग का उद्देश्य इन अस्पतालों को प्रत्येक नागरिक तक उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं पहुंचाने के योग्य बनाना है।
कोट
एमओएच बिलासपुर डॉक्टर प्रविंद्र ने कहा कि उक्त अस्पतालों में रिक्त पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। विभाग का पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर हों, ताकि सभी मरीजों को उचित और त्वरित इलाज मिल सके। विभाग सुनिश्चित करेगा कि आदर्श अस्पतालों में आदर्श स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलें।