बिलासपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद बिलासपुर इकाई ने काव्य गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष डॉ. रीता सिंह ने की। उन्होंने भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2078 के आगमन की बधाई दी। ऑनलाइन कार्यक्रम का संचालन डॉ. एआर सांख्यान और शीला सिंह ने किया। ललिता कश्यप ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता डॉ. लेख राम शर्मा ने भारतीय नववर्ष ऋतु परिवर्तन से सुंदर संबंध स्थापित किया और मत्स्य अवतार से नववर्ष का आगमन बताया। विशिष्ट अतिथि प्रो. लेख राम शर्मा ने वो चली गई कविता प्रस्तुत की।
डॉ. रविंद्र ठाकुर ने जीत स्वार्थ में अपनी औरों का अहित हो जाएगा, रवि कुमार सांख्यान ने बांका हिमाचल अज्ज आईरा विपदा रा जमाना, बर्फानी तेंदुआ, जुजुराणा, कन्ने गुलाबी बुरांश पॉलिथीन लफाफे करणे कनारे बांके पर्यावरण च लैणी सांस। डॉ. एआर सांख्यान ने तरनुम में बुढ़ापे की दस्तक नामक शीर्षक से कविता गाकर सुनाई। डॉ. हेमा ठाकुर ने पात्त दे बोटिया एड़ी देर न ला, शीला सिंह ने सुनहरी सुबह लिए नव संवत आया स्नेह उमंग से भरा सूरज सौगातें लाया, विजय कुमारी ने युग के युवा मत देख दाएं मत देख बाएं, नहीं तो जिंदगी यह कभी संग न होंगे तेरे अपने ही साए, वीना वर्धन ने प्रिय सखी ऐसे बैसाखी का त्यौहार मनाओ, ललिता कश्यप ने मां भगवती का गुणगान करते हुए मां को भोग शीर्षक से कविता प्रस्तुत की। ऑनलाइन कार्यक्रम के मुख्यातिथि डॉ. सुनील पाठक प्रांत अध्यक्ष उत्तराखंड, विशिष्ट अतिथि डॉ. लेख राम शर्मा इकाई संरक्षक घंढीर, मुख्य वक्ता डॉ. लेख राज शर्मा दधोल इकाई संयोजक रहे। अंत में मधुर धुन में राष्ट्रगान के साथ ऑनलाइन कार्यक्रम का समापन हुआ।