बिलासपुर। बिलासपुर सदर क्षेत्र से पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने जिले भर में जिस प्रकार अपना दायित्व अच्छी तरह से निभा कर कोरोना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसकी काफी प्रशंसा की गई। अब जिला में बढ़ते हुए कोरोना के मामलों को देखकर लग रहा है कि बड़े स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।
पूर्व विधायक ने कहा कि अनलॉक के विभिन्न चरणों में जिला में कोरोना महामारी के प्रसार से सभी आश्चर्यचकित हैं। कोरोना के प्रसार में जहां जिला से बाहर से आने वाले प्रवासियों ने विशेष भूमिका निभाई, वहीं इन प्रवासी मजदूरों को बिना कोरोना जांच के सीमाओं के अंदर आने देने की नीति भी उत्तरदायी है। बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा के स्थानीय विधायक और कुछ समय पूर्व जिला से नए बने मंत्री ने लोगों को इकट्ठा करके बैठकें आयोजित कीं। विकास कार्यों के बहाने एकत्रित की गई भीड़ भी कोरोना के अप्रत्याशित प्रसार के लिए उत्तरदायी है।
बंबर ठाकुर ने हैरानी जताई कि बिलासपुर में 19 पुलिस जवान और 3 सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी ड्यूटी देते समय कोरोना संक्रमित हो गए। सभी को कोरोना वॉरियर्स की संज्ञा दी गई है लेकिन उनकी पत्नी भावना ठाकुर जो कोरोना टेस्ट सैंपल एकत्रित करने में पिछले चार महीने से दिन-रात कार्यरत रहने के कारण कोरोना की चपेट में आ गई। उसे इनाम देने की जगह उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवा दी गई। बंबर ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक से प्रश्न किया है कि जो अन्य कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी टाइम में कोरोना संक्रमित हुए हैं, क्या उन्होंने उनके विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करवाई है। बंबर ठाकुर ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे राजनीति और राजनेताओं के इशारों पर नाच कर अकारण तंग करने की नीति को तुरंत बंद करें। नहीं तो भविष्य में उन्हें इन बातों का उत्तर देना कठिन हो जाएगा और वे स्वयं ही कानून के शिकंजे में आ जाएंगे।