बिलासपुर। पंचायत समिति सदर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए मंगलवार को रखे चुनाव कोरम पूरा नहीं होने की वजह से टल गए।
बीडीओ कार्यालय के सभागार में रखे गए चुनाव में बीडीसी सदस्यों की संख्या शून्य रही। हालांकि, 13 बीडीसी सदस्य बीडीओ कार्यालय पहुंच गए थे, लेकिन कोरम पूरा होता नहीं देख प्रांगण से ही वापस लौट गए। अब 22 जनवरी को सुबह 11 बजे फिर बैठक रखी गई है। सुबह 11 बजे चुनाव को लेकर बैठक रखी गई थी। चुनाव करवाने आए एसडीएम सदर हरीश गज्जू और बीडीओ सदर ने नियमानुसार तय समय के बाद दो घंटे तक सदस्यों के आने का इंतजार किया। कोई भी नहीं आया तो बैठक स्थगित कर अगली तिथि मुकर्रर की गई।
पंचायत चुनावों की प्रक्रिया के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस-भाजपा में जोड़तोड़ की राजनीति चल रही है। कुल 25 सदस्यों वाली बीडीसी सदर में भी जोड़तोड़ जारी है। मंगलवार को कुल 13 सदस्य बीडीओ कार्यालय पहुंचे थे। चुनाव हाल के बाहर कांग्रेसियों का कुनबा भी जुट गया। बीडीओ कार्यालय आए सभी सदस्य कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे थे। इस लिहाज से कांग्रेस के पास पूरा बहुमत था। हालांकि, पहली बैठक में कोरम पूरा करने के लिए 17 सदस्यों की जरूरत थी। भाजपा समर्थित अन्य सदस्यों के बैठक से किनारा करने के कारण चुनावी प्रक्रिया नहीं हो सकती थी। लिहाजा, बैठक को गए बीडीसी के सदस्य प्रांगण से ही वापस लौट गए। एसडीएम हरीश गज्जू ने बताया कि कोरम पूरा नहीं होने की वजह से चुनाव नहीं हो सके। उनके अनुसार बैठक में पंचायत समिति के सदस्य नहीं आ सके। अब 22 जनवरी को पुन: बैठक रखी गई है।
बीडीओ दफ्तर में जुटा कांग्रेसियों का कुनबा
बीडीसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव बीडीओ कार्यालय में होना था। इस दौरान कांग्रेस का पूरा कुनबा वहां जुटा दिखा। सदर विधायक बंबर ठाकुर, बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक बाबू राम गौतम, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा सहित कई लोग बीडीओ दफ्तर पहुंचे। कोरम पूरा नहीं होने के कारण सभी वहां से लौट आए। कांग्रेस ने पार्टी दफ्तर में बनाई रणनीति
कोरम पूरा नहीं होने के बाद बीडीओ कार्यालय से नव निर्वाचित बीडीसी सदस्य, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता सीधा पार्टी कार्यालय पहुंच गए। यहां काफी देर तक चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई। रामलाल ठाकुर और बंबर ठाकुर ने बीडीसी सदस्यों और कार्यकर्ताओं से मंत्रणा की।