फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस अपना अस्तित्व बचाने के लिए किसानों को कर रही गुमराह : कंवर

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दलों का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। राजनीतिक रूप से जिंदा रहने के लिए उन्हें अब किसान आंदोलन से ही आस है। इसके लिए इन दलों के नेता किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके हथकंडे सफल नहीं होंगे।
विज्ञापन

मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पूर्व में देश की लगभग 80 फीसदी आबादी खेतीबाड़ी करती थी। इसमें से करीब 70 फीसदी लोगों के लिए कृषि ही आजीविका का मुख्य साधन था। लेकिन कई कारणों के चलते यह आंकड़ा सिमटकर 40.41 फीसदी रह गया। इसे गंभीरता से लेते हुए मोदी सरकार ने गहन मंथन के बाद कृषि कानूनों में सुधार किया। तीन नए कृषि कानून किसानों के उत्थान के मकसद से बनाए गए हैं। इससे किसानों की आय 2024 तक दोगुनी करने के लक्ष्य की प्राप्ति में भी मदद मिलेगी। लेकिन कुछ संगठनों ने इसको लेकर भ्रम फैलाना शुरू कर दिया है।
कंवर ने कहा कि नए कृषि कानूनों को सही ढंग से समझे बगैर ही कुछ किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। इसमें मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के ही किसानों का कुछ हिस्सा है। बाकी भीड़ बिचौलियों की हैं। इसमें असामाजिक तत्व भी नजर आ रहे हैं। कहा कि कई राजनीतिक दलों का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। कांग्रेस समेत ऐसे अन्य दलों ने इस आंदोलन के बूते फिर से राजनीतिक रूप से जिंदा होने की आस लगा रखी है। इसलिए वे किसानों के बजाए बिचौलियों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। कहा कि सरकार के साथ बैठक में किसान नेता कृषि कानूनों पर सहमत हो जाते हैं, लेकिन बाहर आकर वे स्वार्थी तत्वों के बहकावे में आकर फिर से इनकार कर देते हैं। ऐसा अधिक समय तक नहीं चलेगा। किसान जल्द ही नए कृषि कानूनों के फायदे समझ जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें