बिलासपुर। राज्य सरकार ने बजट में इस बार आम से खास बात का ध्यान रखा गया है लेकिन इसके बाद बिलासपुर जिला के राज्य सरकार के बजट से कोई कड़ी योजना नहीं मिल पाई। लोगों को उम्मीद थी राज्य सरकार इस बार जिले में पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए किसी बड़े पैकेज की आस थी लेकिन बजट में इस प्रकार की कोई घोषणा नहीं की गई है। हालांकि पूर्व में बिलासपुर को झीलों का शहर बनाने और पर्यटन मानचित्र पर लाने की बड़ी घोषणाएं की जा चुकी हैं लेकिन बजट में सरकार की ओर से इस बारे में कोई बात नहीं की गई।
हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में फोरलेन, रेलवे सहित एम्स पर चर्चा जरूर की लेकिन यह सभी मामले पहले के चले हुए हैं। बजट में पहले की ही योजनाओं को नया रंग देने का प्रयास किया गया।
लोगों को आस थी कि राज्य सरकार ग्वालथाई में सुस्त पड़े औद्योगिक क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कोई कदम उठाएगी लेकिन सरकार ने उस ओर भी इस बजट में कोई ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा लोगों को आस थी कि सालों से चली आ रही बैरी दड़ोला पुल के निर्माण के लिए सरकार बजट का प्रावधान करेगी लेकिन इस बजट में भी इस पुल के निर्माण की लोगों की आस पूरी नहीं हो पाई।
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परिवहन निगम की ओर से 100 नई विद्युत संचालित बसों सहित 250 बसों का क्रय किया जाएगा। शिमला की तर्ज पर बिलासपुर में निगम की ओर से पर्यटक परिपथ आरंभ किए जाएंगे। कीरतपुर साहिब-मनाली हाईवे का जल्द कार्य शुरू होगा। रेल परियोजनाओं में भानुपल्ली - बिलासपुर -बैरी तथा चंडीगढ़-बद्दी कार्यान्वित की जा रही हैं। भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल लाइन के प्रथम 20 किमी का भू-अधिग्रहण पूरा हो चुका है तथा इस पर निर्माण कार्य आरंभ कर दिए गए हैं। इस पर सीएम ने कहा कि इस रेल लाइन के लिए बजट में अलग प्रावधान किया गया है।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इसी जिला से संबंध रखते हैं। जिस कारण लोगों को आस थी कि अपेक्षा का शिकार रहे इस जिला को नड्डा के केंद्रीय मंत्री रहते एम्स जैसा बड़ा संस्थान मिला है। वहीं इस बार राज्य सरकार भी बजट में जिला के लिए कुछ विशेष कर सकती है लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।
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