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नवाबगंज गुरुद्वारे में पहुंची पुलिस स्थिति हुई तनावपूर्ण

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बिलासपुर (रामपुर)। यूपी और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित नवाबगंज में गुरुवार की सुबह स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में पुलिस गांव में पहुंच गई। यूपी और उत्तराखंड की पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को देखकर अफवाह फैल गई कि पुलिस गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा अनूप सिंह को गिरफ्तार करने आई है। इसके बाद आसपास के गांवों के लोग गुरुद्वारे में जुटना शुरू हो गए। कुछ लोगों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि अधिकारी यह कहते नजर आए कि वो बाबा अनूप सिंह से बात करने आए हैं। गुरुद्वारे में बाबा अनूप सिंह नहीं मिले। दोपहर बाद अधिकारी वहां से लौट गए, इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
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गुरुवार की सुबह दस बजे आईपीएस अधिकारी डॉ. अजय पाल शर्मा ट्रैक सूट पहनकर गुरुद्वारे पहुंच गए। डॉ. शर्मा रामपुर के एसपी रह चुके हैं, लिहाजा उनको सभी पहचानते थे। इसके बाद रामपुर एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता, एएसपी संसार सिंह, एसडीएम डॉ. राजेश कुमार, तहसीलदार रणविजय सिंह, सीओ सतीश कुमार, सीओ निशांत शर्मा, सीओ श्वेतांभर पांडेय, सीओ केमरी अशोक कुमार पांडेय व सभी थानों की पुलिस व भारी संख्या में पीएसी तथा ऊधमसिंह नगर के एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर, एसपी काशीपुर प्रमोद कुमार, एडीएम रुद्रपुर उत्तम सिंह चौहान, सीओ बाजपुर दीप शिखा अग्रवाल, सीओ रुद्रपुर अमित कुमार आदि के साथ नवाबगंज गुरुद्वारे में पहुंचे। उन्होंने बाबा अनूप सिंह जी को पूछा तो गुरुद्वारे में मौजूद बाबा गुरमीत सिंह ने बताया कि वो कहीं बाहर गए हुए हैं। उन्होंने उनके आने का कारण पूछा तो अधिकारियों ने कुछ भी नहीं बताया और इतना ही कहा कि वह बाबा जी से मिलना चाहते हैं। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने गुरुद्वारे के सभी कमरों, रसोई, छत आदि की तलाशी भी ली। इस बीच इलाके में तेजी के साथ अफवाह फैल गई कि किसान आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन बाबा अनूप सिंह को गिरफ्तार करने के लिए आया है। जिससे पूरे आसपास के गांवों के लोगों में रोष पनप गया और लोग गुरुद्वारे की ओर जाने लगे। कुछ ही देर में हजारों की संख्या में संगत गुरुद्वारे पहुंच गई। संगत को आता देख अधिकारी गुरुद्वारे से निकालकर एक होटल की ओर जाने लगे तो लोगों ने नारेबाजी कर पुलिस प्रशासन का विरोध जताया। इस दौरान सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए। डॉ. अजयपाल शर्मा गुरुद्वारे के एक कमरे में बाबा गुरमीत सिंह से वार्ता करते रहे। करीब तीन घंटे की वार्ता के बाद गुरुद्वारे परिसर में मौजूद लोगों के बीच अजयपाल ने कहा कि वो बाबा जी मिलने आए हैं और युवक नवरीत सिंह की मौत पर शोक जताने आए हैं। इसके बाद नवरीत की मौत पर शोक जताया गया। करीब चार बजे तक अधिकारी लौटने शुरू गए।
डीएम-एसपी ने बाबा अनूप सिंह से की मुलाकात
बिलासपुर। नवाबगंज गुरुद्वारे में पुलिस की मौजूदगी की लेकर जहां स्थिति तनावपूर्ण रही। वहीं, जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह और एसपी शगुन गौतम ने गुरुवार शाम को बाबा अनूप सिंह से बिलासपुर में मुलाकात की। जिलाधिकारी ने बताया कि हमारी बाबा अनूप सिंह से बात हुई है। हमने उनसे आग्रह किया कि नवरीत सिंह की मौत के मामले में जो अफवाह फैलाई जा रही है उसको लेकर वो लोगों को समझाएं। उनसे बात करने के लिए ही अधिकारी गुरुद्वारे में गए थे। ताकि बाबा अनूप सिंह की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील जारी कराई जा सके। उन्होंने कहा कि बस इतनी सी बात थी। उन्होंने कहा कि बाबा अनूप सिंह गुरुद्वारे से कहीं चले गए थे, बाद में उनसे मुलाकात हो गई थी। बाबा अनूप सिंह ने आश्वासन दिया कि वो लोगों को समझाने की कोशिश करेंगे।
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बाबा अनूप सिंह से हमारी बात हुई थी। उनसे कहा गया था कि नवरीत की मौत के मामले में जो अफवाह फैलाई जा रही है, उसको लेकर वो लोगों को समझाएं। अधिकारी उनसे अपील जारी करवाने के लिए गए थे। बाद में हमारी उनसे मुलाकात हो गई है। उन्होंने लोगों को समझाने की बात कही है।
आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
अधिकारी बाबा अनूप सिंह से बात करने गए थे। पुलिस साथ में इसलिए गई थी कि वहां लोग जमा ना हो सकें। जिलाधिकारी और मेरी बाबा अनूप सिंह से मुलाकात हो गई है। हमने उसने बात कर ली है। हमने उनसे कहा कि वो लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करें। वो हमारी बात से सहमत भी हैं।
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शगुन गौतम, एसपी
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