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Bilaspur News: शाहतलाई में बाबा बालक नाथ मंदिर में 25 हजार ने नवाया शीश

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बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में माथा टेकने पहुंचे भक्त। स्रोत: मंदिर न्यास
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चैत्र माह मेलों के चलते सभी धर्मशालाएं, होटल पूरी तरह पैक
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मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंच रहे हैं देश-विदेश से बाबा के भक्त
कारोबार बढ़ने से व्यापारियों और होटल संचालकों के चेहरे खिले

संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में चैत्र मास के पावन मेले के दौरान रविवार को श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिला। सुबह से ही भक्तों का मंदिर में आगमन शुरू हो गया। दिनभर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। शाम तक 25 हजार ने मंदिर में माथा टेका। चैत्र मेले का शुभारंभ 14 मार्च को पारंपरिक झंडा रस्म के साथ हुआ था और तब से निरंतर देश के विभिन्न हिस्सों और विशेषकर पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बालकनाथ के दर्शन के लिए शाहतलाई पहुंच रहे हैं। इस दौरान क्षेत्र की सभी धर्मशालाएं और होटल पूरी तरह से भरे हुए हैं।
रविवार को विभिन्न राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के जिलों से श्रद्धालु पैदल यात्रा, बस और निजी वाहनों में मंदिर पहुंचे। रविवार को भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। मंदिर न्यास अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि रविवार को गरूणा झाड़ी और माता रत्नों लस्सी रोटी मंदिर में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। सुबह पांच बजे से ही मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए लंगर और भोजन की व्यवस्था की है। सफाई कर्मियों को मंदिर परिसर में जगह-जगह तैनात किया गया है, ताकि परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित रहे।
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मंदिर अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। शाहतलाई में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में धर्मशालाएं, होटल पैक हैं। व्यापारियों का कहना है कि चैत्र मास के पावन मेले के दौरान व्यवसाय में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हो जाती है। खासकर स्मृतिचिह्न, प्रसाद, लस्सी, रोटी, चाय और स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जाती है। बताया कि मेले के दौरान होटल और धर्मशालाओं की बुकिंग हमेशा फुल रहती है। श्रद्धालु आने से न केवल व्यापार बढ़ता है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
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