-बोले, पानी के संभावित संकट पर प्रदेश सरकार ने मूंद ली हैं आंखें
-जल शक्ति विभाग समस्या से निपटने के लिए करे तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तीसरे-चौथे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों को मजबूरन जेब से पैसे खर्च करके पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि जब अभी यह हाल है तो गर्मी में स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वे गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट के समाधान के लिए समय रहते तैयारियां शुरू कर दें, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं का काम भी जल्द पूरा किया जाए।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि पिछले साल पेयजल समस्या गर्मी के मौसम से पहले ही शुरू हो गई थी। बरसात के मौसम में बारिश भी अपेक्षाकृत कम हुई थी, जिस कारण सर्दियों में भी पानी का संकट लोगों को सताता रहा। अब सर्दी का मौसम भी खत्म होने जा रहा है, लेकिन पानी की समस्या जस की तस है। कई स्थानों पर तीसरे-चौथे दिन पानी मिल रहा है। पीने, खाना पकाने, नहाने और कपड़े धोने समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था करना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि बारिश कम होने के कारण स्रोतों का जल स्तर घटता जा रहा है। प्रदेश सरकार भले ही पानी के इस संभावित संकट की ओर से आंखें मूंदे बैठी हो, लेकिन जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से निपटने के लिए समय रहते तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। पंजगार्ईं, द्रोबड़, बरमाणा, बैरी व धारटटोह आदि क्षेत्रों के लिए कोलडैम से 14 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। यह अभी यह पूरी तरह से फंक्शनल नहीं हुई है। इसे जल्द से जल्द सुचारू किया जाए।