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टीबी मुक्त बिलासपुर के लिए निक्षय मित्र बने लोग : डॉ. शशिदत्त

Mon, 24 Mar 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा
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- टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 247 नए टीबी मरीजों की हुई पहचान
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- कुल 828 मरीजों को दिया जा रहा उपचार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 247 नए मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जिले में टीबी के मरीजों की कुल संख्या 829 हो गई है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग उपचार दे रहा है।
प्रेस वार्ता में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 दिन टीबी उन्मूलन अभियान चलाया गया था। इन दौरान सूचीबद्ध किए गए करीब 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की, जिनमें से 75 प्रतिशत लोगों के लैब टेस्ट भी किए। इसके अलावा टीबी रोगियों के संपर्क में रहे 57 लोगों को भी एहतियातन उपचार दिया गया। उन्होंने बताया कि जिले से टीबी रोग खत्म करने की मंशा को लेकर स्वास्थ्य विभाग लोगों को निक्षय मित्र बनने का मौका दे रहा है। निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्था मरीजों को पोषण, डायग्नोस्टिक सहित अन्य मदद कर उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं। कोई भी सामान्य नागरिक, गैर सरकारी संस्थान निक्षय मित्र बनकर टीबी रोगियों की सहमति से उनकी विभिन्न तरीके से मदद कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक 182 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि टीबी के मरीजों की संख्या अधिक है। उन्होंने अपील की कि टीबी मुक्त बिलासपुर बनाने के लिए लोग, सामाजिक संस्थाएं आगे आएं और निक्षय मित्र बन कर अभियान से जुड़े। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों को निशुल्क उपचार के साथ सरकार की ओर प्रति माह एक हजार रुपये पोषण भत्ता भी दिया जा रहा है। जिले में अब 26 लाख रुपये से अधिक का लाभ टीबी मरीजों को दिया जा चुका है।
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इनसेट
29 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 176 पंचायतों में 29 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मापदंड भी तय किए हैं। कार्यक्रम के तहत पहले टीबी मरीजों की पहचान की जाती है। उसके बाद मरीज का इलाज शुरू किया जाता है। ग्राम पंचायत दाबला, गतवाड़, घंडालवीं, हम्बोट, कसारू , कोट, कुठेड़ा, लंझता, मरहाणा, मेहरीन काथला, सलौण ऊपरली, संडियार, बलघाड़, गाल्लियां, जांगला, झंबोला, नघियार, विजयपुर, द्रोबड़, कचौली, कोठीपुरा, सुई सुरहाड़, बैहल, कोट खास, लैहड़ी, माकड़ी, रोड जामन, तरसूह और टोबा संगवाना को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन पंचायतों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
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इनसेट
एमडीआर टीबी मरीज का अब 6 महीने में होगा इलाज
डॉ. शशिदत्त शर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई कोशिशें की जा रही हैं। इसी क्रम में एमडीआर टीबी के लिए नई दवा बीपॉल एम रेजीमेंट की लॉन्च की गई है। जल्द ही सरकार की ओर से यह दवा अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएगी। नई दवा आने से गंभीर टीबी एमडीआर के मरीज का इलाज आसान हो जाएगा। यह दवा 6 माह तक प्रतिदिन चलेगी। पहले एमडीआर टीबी के इलाज के लिए 18 से 22 माह तक दवा चलती थी और मरीज को इंजेक्शन भी लगाए जाते थे, जिस कारण मरीज बीच में ही उपचार छोड़ देते थे। नई दवा केवल मुंह के जरिए ही दी जाएगी। उन्होंने अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इसकी जांच सरकारी अस्पताल में निशुल्क कराएं।
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