एक लाख रुपये निकालने पर दिए जा रहे मात्र 1,000 हजार रुपये
साल 2018 में हुआ था 40 करोड़ रुपये का घोटाला, अब तक चल रही जांच
वारंट जारी होने के बाद 16 दोषियों ने पेशी पर दी अदायगी की वचनबद्धता
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। सहकारी सभा तलाई में घोटाला उजागर होने के सात साल बाद भी लोगों को उनका पैसा नहीं मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि सभा की ओर से निकासी फार्म पर भरी गई राशि का मात्र एक प्रतिशत ही खाताधारक को दिया जा रहा है। बीमारी के लिए अपनी ही जमा पूंजी नहीं मिलने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
करीब 10,000 सदस्यों वाली सहकारी सभा तलाई सभा में खाता धारक यदि पांच लाख रुपये का विड्रॉल फॉर्म भर रहा है तो उसे मात्र 5,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार एक लाख की मांग पर मात्र 1,000 और 10 लाख रुपये की मांग पर मात्र 10,000 रुपये ही खाता धारकों को दिए जा रहे हैं। जड्डू कुल्जार के सुनील कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी बीमार है। चंडीगढ़ में उपचार के लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता है। सभा से पांच लाख रुपये निकालने के लिए फार्म भरा, लेकिन उसे मात्र 5,000 रुपये दिए गए। वहीं, सभा के खाताधारक कृष्ण सिंह, अशोक कुमार, भाग, सिंह, शक्ति चंद आदि ने बताया कि उन्होंने भी सभा में जमा करा पैसों को निकालने के लिए फार्म भरा था, लेकिन उन्हें फार्म पर भरी गई राशि का मात्र एक प्रतिशत दिया गया। खाताधारकों ने विभाग और सरकार से घोटाले की जांच जल्द पूरी कर न्याय दिलाए जाने की मांग की है। बता दें कि ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति तलाई में लोगों ने जीवन भर की कमाई जमा करवाई थी। किसी समय सभा में शेयरधारकों, खाताधारकों की जमापूंजी 78 करोड़ रुपये से भी अधिक थी, जबकि सभा ने इससे दो कदम आगे बढ़कर 84 करोड़ रुपये दिल खोलकर ऋण बांट दिए। जिनकी रिकवरी ऋणियों से नहीं हो पा रही है। सभा में करीब 40 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। सभा के पूर्व सचिव, तत्कालीन निदेशक मंडल के 10 सदस्यों सहित दो अन्य लोग हवालात में भी रह चुके हैं। 2019 को एफआईआर दर्ज हुई थी। जुलाई 2024 में तत्कालीन सहायक पंजीयक ने सभा के तत्कालीन सचिव और मैनेजमेंट कमेटी से 38 करोड़ रुपये वसूलने के आदेश जारी किए थे। 16 लोगों को सम्मन जारी करने के बाद भी पेशी पर नहीं पहुंच रहे थे, जिनके लिए बाद उन्हें गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। 1 फरवरी को तलाई पुलिस चार दोषी ऋणियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद बाकी के दोषी ऋणियों ने भी जिला सहकारी सभाएं विभाग के सहायक पंजीयक की पेशी में हाजिर हुए और ऋण राशि सभा को अदायगी करने के बारे में वचनबद्धता दी है।
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सभा के पास ऋण अदायगी की रिकवरी नहीं आ रही है। जैसे ही रिकवरी की राशि आएगी, वैसे ही लोगों के पैसे धीरे-धीरे वापस कर दिए जाएंगे।
ओंकार चंद, सचिव, सहकारी सभा तलाई
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सहायक पंजीयक की ओर से जिन दोषी ऋणियों के लिए खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, उनमें से चार गिरफ्तार कर सहायक पंजीयक के सामने पेश किया गया था। इसके बाद बाकी दोषी ऋण धारक स्वयं ही पेशी पर पहुंच गए थे।
विनोद कुमार, प्रभारी, तलाई थाना।