सरकार पर सौतेले व्यवहार का संगठन ने लगाया आरोप
बोले- अब सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे पेंशनर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति बिलासपुर के संयोजक चेत राम वर्मा ने बताया कि समिति की प्रदेश स्तरीय बैठक चेयरमैन सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में 7 नवंबर को मंडी में हुई थी। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से पदाधिकारियों ने भाग लिया। बताया कि बिलासपुर के पेंशनरों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पेंशनरों की लंबित देनदारियों और सरकार के रवैये के खिलाफ 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा घेराव किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर 20 नवंबर को सुबह 10 बजे परिधि गृह बिलासपुर में जिला स्तरीय बैठक होगी। इसमें धर्मशाला जाने वाले पेंशनरों के वाहन प्रबंधन, समूह निर्धारण और ग्रुप लीडरों के चयन पर निर्णय लिया जाएगा। आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और करोड़ों रुपये की देनदारियां लंबित हैं। कहा कि यदि सरकार 28 नवंबर से पहले समिति के पदाधिकारियों से वार्ता नहीं करती तो 60 से 90 वर्ष तक के बुजुर्ग पेंशनर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने वेतन 30 प्रतिशत तक बढ़ा लिए, लेकिन पेंशनरों, बेरोजगारों और कर्मचारियों के हक की अदायगी के समय सरकार खजाना खाली बताती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि विधायकों के वेतन बढ़ाने की बजाय बेरोजगारों को दस हजार रुपये की नौकरी दी जाती तो सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिल सकता था। वर्मा ने कहा कि 34 महीनों में 38 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद भी सरकार आर्थिक संकट का रोना रो रही है। पेंशनरों को करीब दस हजार करोड़ रुपये का वेतनमान, 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें, एरियर और लंबित चिकित्सा बिल अब तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है और जनता का भरोसा अब उठ चुका है।