बिलासपुर। प्रदेश सरकार ने भले ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए 48 घंटे पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराने को दिशा निर्देश जारी किया हो, लेकिन जिला प्रशासन ने भूले-भटके लोगों को भी बिलासपुर जिला के स्वारघाट सीमा पर आकर मैनुअल पंजीकरण कराने की छूट दी। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य कर्मी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण कर दाखिला देंगे। उधर, घूमने आने वाले टूरिस्टों को 72 घंटे के अंदर की कोरोना रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद ही स्वारघाट बार्डर पर प्रवेश मिलेगा।
दरअसल, प्रदेश सरकार के निर्देश पर शनिवार से जिला का स्वारघाट बार्डर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए खोल दिया गया है।इसमें पहले दिन स्वारघाट बॉर्डर से प्रदेश में 962 लोग दाखिल हुए। जबकि, 200 लोग बिलासपुर के शामिल हैं। इस दौरान प्रदेश के स्वारघाट बॉर्डर पर उक्त सभी लोगों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कैनिंग की गई। वहीं बॉर्डर पर मौजूद पुलिस कर्मी सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सीमा में प्रवेश करने वाले लोगों के सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
जिला उपायुक्त बिलासपुर डॉ. राजेश्वर गोयल ने बताया कि जिले के स्वारघाट के रास्ते प्रदेश में दाखिल होने के लिए यह जरूरी नहीं कि 48 घंटे पहले ही कोई भी व्यक्ति पंजीकरण कराए बल्कि जब भी कोई आना चाहे तो वह उसी वक्त बार्डर पर ही मैनुअल एंट्री करवा सकता है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लोग बाहरी राज्यों से आने वालों की मैनुअल एंट्री करेंगे। इसके बाद ही उन्हें प्रदेश व जिला मेें आने की छूट दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को स्वारघाट बॉर्डर से बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग प्रदेश में दाखिल हुए। बताया कि जिला प्रशासन ने सभी लोगों का पंजीकरण किया है।
वहीं इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कोविड 19 के दौरान प्रदेश सरकार ने राज्य में दाखिल होने वाले लोगों को जो गाइड लाइंस जारी की है, उनका पूरी तरह पालन किया जाए।