जनता के जनादेश के बाद अब सियासी कशमकश का दौर चल पड़ा है। जिला परिषद के गठन के बाद बीडीसी के लिए राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ के लिए जोर आजमाइश चल रही है।
जिला की सदर, नयनादेवी, घुमारवीं और झंडूता में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए राजनीतिक दलों में जहां खिंचतान चल रही है। वहीं, कुर्सी के तलबगार नेताओं के दरबार में हाजिरी देने लगे हैं।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए पूरी तरह से लॉबिंग शुरू हो गई है। अपनी पसंद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के लिए राजनेता भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। लेकिन, पर्दे के पीछे रहकर। इसका मतलब यह है कि जिला परिषद की तर्ज पर बीडीसी के गठन में भी दिग्गज नेता किंग मेकर की भूमिका में रहेंगे।
बिलासपुर जिला के नयनादेवी खंड की पंचायत समिति में भाजपा पूर्ण बहुमत में है। यहां भाजपा अब बीडीसी के गठन के लिए गोटियां फिट करने में जुटी है।
अन्य तमाम बीडीसी में दोनों ही राजनीतिक दल अपना-अपना बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। घुमारवीं, झंडूता और सदर में दोनों दल बहुमत की बात कर रहे हैं। लेकिन, बीडीसी पर कब्जा किसका होगा यह अभी तक साफ नहीं है। बहरहाल, इसके लिए दोनों ही दलों के नेताओं और पदाधिकारियों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
सूत्र बताते हैं कि कुर्सी के कई चाहवान नवनिर्वाचित सदस्यों के पास भी समर्थन को पहुंचने लगे हैं। झंडूता की बात करें तो यहां भाजपा ने बीडीसी पर कब्जा करने के लिए बाकायदा ऑब्जर्वर भी तैनात कर दिया है। यहां भाजपा पूर्ण बहुमत में नहीं है और न ही कांग्रेस को बहुमत मिला है। लिहाजा, निगाहें निर्दलीय तौर पर जीते बीडीसी सदस्यों पर टिकी हुई है। घुमारवीं और सदर में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं।
कहां-कौन बनेगा अध्यक्ष
पंचायत समिति सदर का अध्यक्ष पद अनारक्षित हैं। लिहाजा, यहां तलबगारों की फेहरिस्त लंबी है। कुल 25 सदस्यों वाली सदर बीडीसी में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कौन होंगे। इसके पत्ते न तो भाजपा ने खोले हैं और न ही कांग्रेस ने। नयनादेवी में अनुसूचित महिला अध्यक्ष बनेगी, जबकि घुमारवीं अनारक्षित रहेगा। झंडूता में भी अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हैं।
घुमारवीं सबसे बड़ी बीडीसी
बीडीसी घुमारवीं संख्या के लिहाज से जिला की सबसे बड़ी समिति है। यहां बीडीसी सदस्यों की संख्या 34 हैं। इस हिसाब से 18 सदस्य जिस पार्टी के होंगे उनका ही अध्यक्ष बनेगा। झंडूता में 23 और सदर में 25 बीडीसी सदस्य अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के भाग्य का फैसला करेंगे। नयनादेवी में 15 बीडीसी सदस्यों में से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनेंगे।